दिल्ली : ‘सत्ता परिवर्तन’ संबंधी टिप्पणी से विपक्ष का एजेंडा स्पष्ट रूप से उजागर होता है : नितिन नवीन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

दिल्ली : ‘सत्ता परिवर्तन’ संबंधी टिप्पणी से विपक्ष का एजेंडा स्पष्ट रूप से उजागर होता है : नितिन नवीन

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना विपक्ष के उस एजेंडे को स्पष्ट रूप से उजागर करता है, जिसका उद्देश्य विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करना है। नवीन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधारों, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) या देश के युवाओं के भविष्य के लिए नहीं है, बल्कि अराजकता फैलाकर किसी भी कीमत पर “सत्ता हासिल करने” के लिए है। उन्होंने कहा, ‘‘ ‘सत्ता परिवर्तन’ (रिजीम चेंज) जैसे शब्दों के प्रयोग से विपक्ष का असली एजेंडा देश के सामने स्पष्ट रूप से उजागर हो गया है। विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने का यह कुत्सित प्रयास ‘अर्बन नक्सल’ के एजेंडे का ही हिस्सा है।’ उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से होकर गुजरता है, अराजकता से नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की राष्ट्रभक्त जनता और भारतीय जनता पार्टी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को कभी सफल नहीं होने देंगी।’’ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने बृहस्पतिवार को ‘सत्ता परिवर्तन’ का आह्वान करते हुए कहा था कि यह हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने यहां कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके, छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित प्रेसवार्ता में कहा था कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ ‘‘असंतोष’’ पैदा करना कोई अपराध नहीं है, और अब यह संघर्ष ‘‘वास्तव में सत्ता परिवर्तन’’ के लिए है। भूषण ने कहा था, ‘‘सरकार का आरोप है कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन चाहता है... हम अभी इस बात के लिए लड़ रहे हैं कि चुनाव ठीक ढंग से हों। लेकिन अगर इसी तरह की बर्बरता जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से होगा।’’

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