दिल्ली : अंकिता भंडारी हत्या मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 18 अक्टूबर 2026

दिल्ली : अंकिता भंडारी हत्या मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड में 2022 में 19-वर्षीय अंकिता भंडारी की हुई हत्या के मामले में पारदर्शी और अदालत की निगरानी में जांच की मांग को लेकर रविवार को यहां पटियाला हाउस अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सदस्यों समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने जवाबदेही की मांग की और कथित 'वीआईपी' पहलू की निष्पक्ष जांच की अपील की। दिल्ली कांग्रेस के सदस्य लक्ष्मण रावत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए। रावत ने कहा, ‘‘अंकिता भंडारी को न्याय मिलना चाहिए और उसके परिवार को जवाब मिलने चाहिए। इस मामले से जुड़े गंभीर सवालों और आरोपों को राजनीतिक दबाव में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें दबाया जा सकता है।’’ रावत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से कई को जाफरपुर थाने ले जाया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में करीब 100 से 150 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें उत्तराखंड के कांग्रेस पदाधिकारी और आम आदमी पार्टी तथा वामपंथी दलों के सदस्य शामिल थे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए और अंकिता भंडारी हत्या मामले की सीबीआई जांच भारत के प्रधान न्यायाधीश की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जाए। जांच पारदर्शी होनी चाहिए और उसमें राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का नया दौर शुरू हो गया है। गौतम पर आरोप है कि वह वही वीआईपी हैं। हालांकि अब तक इस संबंध में अपराध सिद्ध करने वाला कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। भंडारी का शव सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास चीला बैराज से बरामद किया गया था, जिसके बाद उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश फैल गया था। विपक्ष ने कथित मामले की जांच जारी रहते हुए गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

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