दिल्ली : राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को दी चाय पार्टी, आंदोलन जारी रखने पर जोर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

दिल्ली : राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को दी चाय पार्टी, आंदोलन जारी रखने पर जोर

rahul-gandhi-tea-party
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं और विपक्षी सांसदों को चाय पार्टी पर आमंत्रित किया जिसमें विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने शिरकत की। गांधी के आवास '5 सुनहरी बाग रोड' पर आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे। गांधी ने इससे पहले कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल ‘‘लोकतंत्र की रक्षा के जनांदोलन’’ में एकजुट हैं और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज मैंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथियों को अपने घर चाय पर बुलाया। लोकतंत्र की रक्षा के इस जनांदोलन में हम सब एक साथ हैं और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। चाय के बाद हम सभी मिलकर मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे।’’ सूत्रों के मुताबिक, गांधी के आवास पर हुई बैठक में ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ विपक्ष के संयुक्त विरोध-प्रदर्शनों और आगे की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया। विपक्षी दलों ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च निकाला था। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में शीर्ष अदालत में एक याचिका भी दायर की है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पिछले कुछ समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साध रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुचिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: