पश्चिमी मिदनापुर जिले में खड़गपुर-टाटानगर मार्ग पर गुरुवार को मुंबई-हावड़ा दूरंतो और कुछ अन्य रेलगाड़ियों की सेवाएं बहाल हो गईं। बुधवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि माओवादी रेलगाड़ियों को निशाना बना सकते हैं, इसके बाद ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया।
दक्षिण-पूर्व रेलवे के सूत्रों ने कहा कि दूरंतो एक्सप्रेस सुबह सात बजकर 55 मिनट पर टाटानगर स्टेशन से रवाना हुई और सुबह 11 बजे तक इसके हावड़ा पहुंचने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि हावड़ा-टाटानगर स्टील एक्सप्रेस और टाटानगर-ख़ड़गपुर पैसेंजर ट्रेन सहित अन्य रुकी गाड़ियों की सेवाएं भी सुबह आठ बजे बहाल हो गईं। बुधवार रात इन्हें कलाईकुंडा में रोक दिया गया।
झारग्राम के जीआरपी ने बुधवार शाम अधिकारियों को दूरंतो पर संभावित हमले के बारे में सतर्क किया, जिसके बाद रेलगाड़ियों को टाटानगर, खड़गपुर, कलाईकुंडा और अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रोक दिया गया। घाटशिला स्टेशन पर खड़ी दूरंतो को हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों ने घेर लिया और यात्रियों से बिजली बंद करने और शटर गिराने को कहा गया। बाद में रेलगाड़ी को टाटानगर ले जाया गया।
झारग्राम जीआरपी के मुताबिक हथियारबंद लोगों का एक समूह माओवाद प्रभावित इलाके जमुई-भदुई में खाटखुरा हॉल्ट स्टेशन के नजदीक एकत्रित हुआ था और इसके एक घंटे बाद ही वहां से दूरंतो को गुजरना था।
जीआरपी को गड़बड़ी की आशंका महसूस हुई और उसने तुरंत खड़गपुर एवं टाटानगर में अधिकारियों को सतर्क कर दिया।
एक वर्ष पहले माओवादियों ने घाटशिला स्टेशन के नजदीक कालीमाउली में एक रेलगाड़ी को कब्जे में ले लिया था। ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद खड़गपुर-टाटानगर एवं खड़गपुर-आदरा मार्ग पर पर 14 जून तक रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। 28 मई को ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना में 148 यात्री मारे गए थे।
दक्षिण-पूर्व रेलवे के सूत्रों ने कहा कि दूरंतो एक्सप्रेस सुबह सात बजकर 55 मिनट पर टाटानगर स्टेशन से रवाना हुई और सुबह 11 बजे तक इसके हावड़ा पहुंचने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि हावड़ा-टाटानगर स्टील एक्सप्रेस और टाटानगर-ख़ड़गपुर पैसेंजर ट्रेन सहित अन्य रुकी गाड़ियों की सेवाएं भी सुबह आठ बजे बहाल हो गईं। बुधवार रात इन्हें कलाईकुंडा में रोक दिया गया।
झारग्राम के जीआरपी ने बुधवार शाम अधिकारियों को दूरंतो पर संभावित हमले के बारे में सतर्क किया, जिसके बाद रेलगाड़ियों को टाटानगर, खड़गपुर, कलाईकुंडा और अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रोक दिया गया। घाटशिला स्टेशन पर खड़ी दूरंतो को हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों ने घेर लिया और यात्रियों से बिजली बंद करने और शटर गिराने को कहा गया। बाद में रेलगाड़ी को टाटानगर ले जाया गया।
झारग्राम जीआरपी के मुताबिक हथियारबंद लोगों का एक समूह माओवाद प्रभावित इलाके जमुई-भदुई में खाटखुरा हॉल्ट स्टेशन के नजदीक एकत्रित हुआ था और इसके एक घंटे बाद ही वहां से दूरंतो को गुजरना था।
जीआरपी को गड़बड़ी की आशंका महसूस हुई और उसने तुरंत खड़गपुर एवं टाटानगर में अधिकारियों को सतर्क कर दिया।
एक वर्ष पहले माओवादियों ने घाटशिला स्टेशन के नजदीक कालीमाउली में एक रेलगाड़ी को कब्जे में ले लिया था। ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद खड़गपुर-टाटानगर एवं खड़गपुर-आदरा मार्ग पर पर 14 जून तक रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। 28 मई को ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना में 148 यात्री मारे गए थे।
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