भोपाल गैस कांड के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड के पूर्व प्रमुख वारेन एंडरसन के भारत से भागने के मुद्दे पर मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह पर अपनी चुप्पी तोड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने राजीव गांधी की किसी भी भूमिका से इंकार किया है लेकिन राजीव के एक करीबी ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि उनसे सलाह ली गई हो। 1984 में हुए भोपाल गैस त्रासदी के वक्त मुख्यमंत्री रहे सिंह मीडिया के सामने कुछ भी कहने से इंकार करते रहे हैं।
एंडरसन के देश से भागने के पीछे अमेरिकी दबाव की शंका जता कर विवाद खड़ा करने के एक दिन बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और वह लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे इसलिए उन्हें उन घटनाओं के बारे में कुछ नहीं पता है जिसके तहत दिसम्बर 1984 में वारेन एंडरसन को जमानत मिली थी और उन्हें रिहा कर दिया गया था।
अपनी पत्नी का इलाज कराने अमेरिका गए कांग्रेस महासचिव ने आज एक ईमेल संदेश में कहा कि बयान में ही मैंने साफ कर दिया था कि मैं प्रचार कर रहा था और मैं एंडरसन की जमानत और रिहाई से जुड़े घटनाक्रम के बारे में नहीं जानता।
अपनी पत्नी का इलाज कराने अमेरिका गए कांग्रेस महासचिव ने आज एक ईमेल संदेश में कहा कि बयान में ही मैंने साफ कर दिया था कि मैं प्रचार कर रहा था और मैं एंडरसन की जमानत और रिहाई से जुड़े घटनाक्रम के बारे में नहीं जानता।
राजीव गांधी के निजी सचिव रह चुके आरके धवन ने कहा कि अर्जुन सिंह अकेले आदमी हैं जो यह जवाब दे सकते हैं कि एंडरसन कैसे देश के बाहर गया। धवन ने कहा कि वह नहीं मानते कि पूर्व प्रधानमंत्री को घटनाक्रम की जानकारी होगी या उन्होंने एंडरसन को हवाई अड्डे पर विमान उपलब्ध कराने को कहा होगा जिससे वह भोपाल से गए। कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन भी सारी जिम्मेदारी अर्जुन सिंह के ऊपर ही डालती प्रतीत हुईं। उनका कहना था कि एंडरसन के भागने में राजीव सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।
जयंती से जब कहा गया कि कुछ लोगों का आरोप है कि अर्जुन सिंह ने राजीव गांधी के कहने पर कार्रवाई की तो उन्होंने जवाब दिया, मैं साफ तौर पर तत्कालीन केन्द्र सरकार की भागीदारी से इनकार करती हूं। अमेरिकी दबाव के दिग्विजय के कथित बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता का कहना था कि कांग्रेस महासचिव ने पहले ही अपने बयान की व्याख्या कर दी है और किसी को दोषी ठहराने का कोई सवाल नहीं उठता।

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