प्रधानमन्त्री सोमवार को अपने दो दिवसीय कश्मीर यात्रा पर श्री नगर पहुँचे . प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कश्मीर दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब घाटी में फर्ज़ी मुठभेड़ों के आरोप में एक सैन्य अधिकारी पर कार्रवाई हुई है. अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने घाटी में हड़ताल का आह्वान किया है. प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इस यात्रा को लेकर लोगों में कोई ख़ास उत्साह नहीं है. लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि उन्हें सुरक्षा इंतज़ामों के कारण रोजमर्रा के कामों में मुश्किलें उठानी पड़ सकती हैं. हालांकि अटकलें लगाईं जा रही थीं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अलगाववादी नेताओं के उदारवादी धड़े को बातचीत का न्योता दे सकते हैं लेकिन अब तक इस बात के कोई संकेत नहीं हैं.
इस यात्रा के दौरान मनमोहन सिंह शेर ए कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ये दूसरी कश्मीर यात्रा है. इस दौरान वो विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलेंगे और बातचीत करेंगे. उनके साथ केंद्रीय मंत्री फ़ारुख अब्दुल्ला, गुलाम नबी आज़ाद और पृथ्वीराज चौहान भी होंगे.
मनमोहन सिंह की यात्रा से पहले केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने अलगाववादी नेताओं के साथ बातचीत शुरु की थी लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हो सकी क्योंकि हुर्रियत नेता इसमें शामिल नहीं हुए थे.
प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान राजनीतिक दलों के अलावा राज्य के वरिष्ठ नौकरशाहों, सेना और पुलिस अधिकारियों से भी मुलाक़ात कर सकते हैं और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ से निपटने के उपायों पर विचार कर सकते हैं.

1 टिप्पणी:
fruitless journey, there will be no outcome. it will be a PICnic
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