परमाणु दायित्व विधेयक में कुछ बदलाव करने को लेकर भाजपा और वामदलों की आलोचनाओं का सामना कर रही सरकार ने सोमवार की रात कहा कि वह इसमें कोई उपयुक्त बदलाव करने को तैयार है। सरकार ने यह प्रस्ताव देकर फिर से विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने का प्रयास किया है। सरकार ने परमाणु दायित्व विधेयक में किए गए संशोधन को उचित ठहराने की कोशिश की, जिनकी वजह सेसरकार को आलोचना सहनी प़डी है। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चाहवान ने कहा कि सरकार ने विधेयक में बदलावों को लिए अपने दिमाग खुले रखे हैं और किसी भी ठोस सुझाव को स्वीकार करने के लिए तैयार रहेगी। चाहवान ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली से मुलाकात की थी। विधेयक के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से बुधवार को चाहवान की वामदलों के नेताओं के साथ मुलाकात होने की उम्मीद है। चाहवान ने कहा, मैं बदलावों को स्वीकार करने को तैयार हूं।
हम मूल विधेयक, संसदीय स्थायी समिति द्वारा दिए गए सुझाव या कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए सुधार या किसी उपयुक्त सुधार के बारे में चर्चा करने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि सरकार अनुच्छेद 17 में किसी भी सुधार के लिए वार्ता करने को तैयार है। दरअसल अनुच्छेद 17 (बी) का विवादास्पद संशोधन इस बात को स्पष्ट करता है कि किसी परमाणु संयंत्र का परिचालक हर्जाने की मांग तभी कर सकता है, जब आपूर्तिकर्ता या उसके किसी कर्मचारी के कारण इरादतन दुर्घटना हुई हो। उन्होंने कहा, कृपया, ठोस सुझाव दें. हम मंजूर करने को तैयार हैं। इसके दरवाजे बंद नहीं हैं। चाहवान ने अनुच्छेद 7(1) जो़डे जाने के बारे में वामदलों की उस आपत्ति को भी बेतुका करार देते हुए खारिज कर दिया, जिसके तहत सरकार किसी ऎसे परमाणु प्रतिष्ठान का पूरा दायित्व उठाएगी, जिसका संचालन वह नहीं कर रही। विधेयक में आपूर्तिकर्ता के दायित्व वाले अनुच्छेद में बदलावों को लेकर नाराज भाजपा और वामदलों ने सरकार के इरादतन शब्द पर अंदेश जताया और सप्ताह के अंत में संसद में विचार के लिए रखे जाने पर विधेयक का विरोध करने की धमकी दी। भाजपा नेता जेटली ने कहा कि उन्होंन ने कह दिया है कि भाजपा संसद की स्थायी समिति द्वारा सुझाए गए अनुच्छेद 17 (बी) की भाषा को बहाल करना चाहती है। इसके बाद पार्टी विधेयक की फिर से समीक्षा कर इसका समर्थन करने के बारे में फैसला करेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पिछले शुक्रवार को विधेयक में 18 संशोधनों को मंजूरी दिए जाने के बाद से ही विपक्षी दल उंगली उठा रहे हैं। इन संशोधनों में से एक संशोेधन उस अनुच्छेद से जु़डा है जो परमाणु दुर्घटना की स्थिति में आपूर्तिकर्ता की जिम्मेदारी से जु़डा है। जेटली ने चाहवान से कहा कि वह अनुच्छेद 17 (बी) की भाषा को पुन: अपनाए। उसके बाद हम (समर्थन देने के बारे में) देखेंगे। उधर, सरकार को उम्मीद है कि वह सभी संबद्ध पक्षों से सलाह मशविरे के जरिए मंगलवार तक इस मुद्दे का समाधान कर लेगी।
मंगलवार, 24 अगस्त 2010
सरकार परमाणु दायित्व विधेयक में बदलाव लाने को तैयार !!
Tags
# देश
Share This
About Kusum Thakur
देश
Labels:
देश
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

1 टिप्पणी:
देखिये कल क्या होता है
आपको रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनांए.
एक टिप्पणी भेजें