देश के ऐतिहासिक मुकदमों में एक श्रीराम जन्मभूमि, बाबरी मस्जिद विवाद के मालिकाना हक के लिए 60 साल से चल रहे मुकदमे की सुनवाई गत 26 जुलाई को पूरी हुई थी। न्यायमूर्ति एस यू खान, न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीवी शर्मा की विशेष खण्डपीठ ने गत फरवरी से प्रतिदिन इस मुकदमे की सुनवाई की।
मालिकाना हक को लेकर मुकदमा 16 जनवरी 1950 से शुरू हुआ था। इस मामले में 1996 से शुरू हुई बहस 14 वर्षों तक चली। इसे इलाहाबाद हाई कोर्ट की तीन खंडपीठों में रिकार्ड किया गया। मुकदमे में फैसला आने के पहले ही राजनीति शुरू हो गई है। विश्व हिन्दू परिषद राममंदिर निर्माण के पक्ष में माहौल बनाने के लिए 16 अगस्त से 17 दिसम्बर तक पूरे देश में हनुमत शक्ति जागरण अभियान चला रखा है। इसके तहत अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए जनजागरण किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत संसद में कानून बनाकर राममंदिर निर्माण के लिए जनमत तैयार करने की भी घोषणा की गई है।

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