पुणे के जर्मन बेकरी में 13 फरवरी को फ्रेंडशीप-डे की पूर्वसंध्या पर हुए बम विस्फोट के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस के प्रमुख राकेश मारिया ने इस विस्फोट की साजिश जनवरी महीने में उदगीर में रचे जाने की जानकारी दी है।
मारिया ने बताया कि हिमायत उर्फ यूसुफ बेग को मंगलवार की दोपहर तीन बजे पुणे से और शेख लालबाबा मोहम्मद हुसेन फरीद उर्फ बिलाल को रात 8.45 बजे नासिक के सातपूर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के पास से आरडीएक्स और बम बनाने की सामग्री बरमद हुई है।
हिमायत बेग ही जर्मन बेकरी विस्फोट का मास्टरमाइंड है। वह पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोयबा का महाराष्ट्र प्रमुख है। इस प्रकार की जानकारी एटीएस प्रमुख मारिया ने दी। उन्होंने बताया कि बेग पिछले डेढ़ वर्षो से उदगीर में इंटरनेटकैफे चला रहा था। जनवरी महीने के आखिरी सप्ताह में उसने जर्मन बेकरी में विस्फोट करने की साजिश रची। इसके लिए उसने 31 जनवरी को वहां जाकर रैकी भी की।
एटीएस प्रमुख ने बताया कि 31 जनवरी को जर्मन बेकरी की रैकी करने के बाद बेग उदगीर लौट गया। जहां 3 फरवरी को अहमद सिध्धीबाबा, मोहसिन चौधरी और यासिन के साथ उसने मीटिंग की। इसी मीटिंग में विस्फोट की साजिश को अंजाम देने का तरीका तय किया गया। इसके बाद 4 फरवरी को यासिन ने विस्फोट लाया और 7 से 12 फरवरी तक बम तैयार किये गये। 13 फरवरी को हिमायत बेग, यासिन और बिलाल ने बम पुणो लाया। जिसके बाद हिमायत और यासिन ने विस्फोट की साजिश को अमलीजामा पहनाया जबकि बिलाल ने बेकरी के बाहर खड़ा रहकर निगरानी रखने का काम किया। मारिया ने बताया कि इन आतंकवादियों ने नोकिया कंपनी के मोबाइल फोन के अलार्म को टायमर के रूप में इस्तेमाल किया।
बुधवार, 8 सितंबर 2010
पुणे के जर्मन बेकरी काण्ड में दो लोग गिरफ्तार !!
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