पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियाँ चलाईं. पीरज़ादा हमले के वक़्त घर पर ही थे, लेकिन उनको इस हमले में कोई चोट नहीं आई.
इस बीच पुलिस ने अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ के ख़िलाफ़ हिंसा को उकसावा देने का एक मामला दर्ज किया है.
उल्लेखनीय है कि शनिवार को श्रीनगर के लाल चौक में जिस रैली के बाद हिंसा फैली थी, उसका आयोजन मीरवाइज़ ने ही किया था.
ईद के अवसर भीड़ हिंसक हो गई थी और उसने सरकारी इमारतों और पुलिस थाने में आग लगा दी थी.
शनिवार को हुई हिंसा को देखते हुए श्रीनगर समेत बारामूला, पुलवामा, सोपोर, अनंतनाग और बिजबिहारा क्षेत्रों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईद के मौक़े पर हुई हिंसा के लिए हुर्रियत नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक को ज़िम्मेदार ठहराया है और उनपर विश्वासघात का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा, '' मीरवाइज़ के दफ़्तर से हमारे पास लालचौक तक रैली निकालने की दरख़्वास्त आई थी. मेरे अधिकारियों ने बार-बार कहा कि भीड़ बेकाबू हो सकती है लेकिन मैंने अपने पुलिस अधिकारियों की अनसुनी करते अलगाववादी कैंप की बात मानी कि रैली शांतिपूर्ण होगी. और लालचौक पर जो भी हुआ उसे मैं विश्वासघात मानता हूं.''
उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि शनिवार को हुई हिंसा से राज्य में शांति बहाल करने के लिए चल रहे राजनीतिक प्रयासों के लिए धक्का है.
हिंसा भड़काने के आरोपी हुर्रियत नेता मीरवाइज मौलवी उमर फारूक के खिलाफ देशद्रोह समेत तीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जबकि शनिवार को भड़की हिंसा को काबू में करने के लिए रविवार को वादी के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों में कर्फ्यू सख्ती से लागू कर दिया गया। लेकिन कई जगहों पर हिंसा पर उतारू प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए जमकर उत्पात किया। हिंसक भीड़ को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा। जिसमें 20 सुरक्षाकर्मियों सहित तीन दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। हुर्रियत समर्थकों ने जम्मू-कश्मीर के शिक्षा मंत्री पीरजादा मुहम्मद सईद के अनंतनाग स्थित मकान पर भी हमला किया।

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