कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की शीर्ष नीति निर्माता संस्था केन्द्रीय न्यासी बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक के निर्णय की जानकारी देते हुए सूत्रों ने कहा कि बोर्ड के इस फैसले से ईपीएफओ को 1600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। हालांकि इसकी भरपाई संगठन के ब्याज खाते में पड़ी 1731 करोड़ रुपये की राशि से कर लिया जायेगा।
केन्द्रीय श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व वाले इस केन्द्रीय न्यासी बोर्ड की सिफारिश को वित्त मंत्रालय को भेज दिया जायेगा। वित्त मंत्रालय इस फैसले को अधिसूचित करता है। मंत्रालय आमतौर पर न्यासी बोर्ड की सिफारिश को स्वीकार कर लेता है।

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