दिल्ली में पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 22 सितंबर 2010

दिल्ली में पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार !!

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने राजधानी में पहचान बदल कर रह रहे एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम सज्जाद हैदर उर्फ परवेज है, जो लगभग एक वर्ष से भारत में रह रहा था। इस जासूस को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई व पाक सेना की ओर से लाहौर में पांच माह का प्रशिक्षण दिलाया गया था।

उसके पास से रक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज, नक्शे, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पहचान पत्र, मनी ट्रांसफर रसीद, मोबाइल फोन, सिम कार्ड आदि बरामद किए गए हैं। इसके पास से भारतीय सेना से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिसमें पंजाब छावनी के दस्तावेज भी शामिल हैं।

स्पेशल सेल में तैनात अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि केन्द्रीय खुफिया एजेंसी द्वारा 14 सितंबर काे सूचना मिली थी कि सज्जाद हैदर(43) नामक एक पाक जासूस दिल्ली के समालखा इलाके में मदर डेयरी के नजदीक रह रहा है। 

उसने भारतीय सैन्य संस्थानों से जुड़े दस्तावेज, नक्शे समेत कई अति संवेदनशील जानकारियां जुटा रखी हैं। इतना ही नहीं, वह कई अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के दस्तावेज पाकिस्तान भेज भी चुका है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने कापसहेड़ा स्थित समालखा में छापेमारी कर सज्जाद हैदर को गिरफ्तार कर लिया।

उसके घर से काफी संख्या में रक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज, महत्वपूर्ण तथा संवेदनशील स्थलों के नक्शे व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह सितंबर 2009 में बांगलादेश के रास्ते कोलकाता होते हुए दिल्ली आ गया। 

दिल्ली आने पर सज्जाद ओखला इलाके में ठहरा। वहां उसने एक फैक्टरी में छोटी-मोटी नौकरी की। यहां स्थानीय लोगों की मदद से उसने फर्जी तरीके से भारतीय पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि दस्तावेज बनवा लिए। वह यहां मोहम्मद परवेज के नाम से रह रहा था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने मोबाइल का कनेक्शन लिया। कुछ माह तक गोविन्दपुरी इलाके में भी रुका। वहां उसका संपर्क एक महिला व उसकी बेटी से हुआ। इनके साथ वह समालखा में रहने चला गया। भारत आने से पहले आईएसआई व पाक सेना से पांच माह का प्रशिक्षण लिया था। 

भारत में रहने के दौरान उसने कई बार कुरियर के माध्यम से सैन्य दस्तावेज दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे। इस दौरान वह गुड़गांव के कॉल सेंटर में कैब चालक काम करता रहा था।फिलहाल, उससे जामा मस्जिद के बाहर हुए हमले के सिलसिले में कोई जानकारी नहीं मिली है।

कोई टिप्पणी नहीं: