बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) शांति, विकास और 'बिहार के गौरव को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनावी समर में उतरेगी। नीतीश ने बुधवार को राजधानी पटना लौटने से पहले संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वे चाहते हैं कि मतदाता 2015 तक बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए मतदान करें।
नीतीश ने राज्य में जाति आधारित चुनाव की संभावना को खारिज करने के प्रयास में कहा कि कुछ लोग समाज को बांटना चाहते हैं लेकिन हम उसे एक रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गत पांच सालों के दौरान उनकी सरकार ने न्याय और विकास उपलब्ध कराने के लिए भरपूर प्रयास किए हैं और अब वे इस तरक्की को और आगे ले जाने के लिए लोगों का विश्वास दोबारा चाहते हैं। उधर, उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी राष्टï्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद पहले ही कह चुके हैं कि इस बार चुनाव में जीत उनकी और उनके सहयोगी रामविलास पासवान के दल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के गठजोड़ की ही होगी।
चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार करने का विरोध करने के अपने पुराने रुख पर कायम रहते हुए उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने की जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर डाल दी है। मोदी के भाजपा-जदयू गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार करने पर उनकी पार्टी के विरोध के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, 'इस मामले में हमारा जो भी रुख है वह सभी को अच्छी तरह से पता है। हम अपने पुराने रुख पर कायम हैं। हमने स्पष्ट कर दिया है कि पिछले बार जो व्यवस्था थी वह इस बार भी लागू रहेगी। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी को जदयू-भाजपा गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार से दूर रखा गया था। कुमार ने हालांकि इस मुद्दे को यह कहते हुए भाजपा पर छोड़ दिया कि यह उसका आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, 'हम अपना पूरा ध्यान चुनाव पर दे रहे हैं और हमें इस बात का पूरा विश्वास है कि भाजपा इस मुद्दे को सुलझा लेगी। यह भाजपा का आंतरिक मामला और इसे उसे ही सुलझाने दीजिए।
भाजपा ने कहा कि जदयू उस पर शर्तें नहीं लाद सकती। पार्टी ने कहा कि उसकी कार्यसमिति यह तय करेगी कि चुनाव के दौरान कौन प्रचार करेगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने पटना में संवददाताओं से कहा,'पार्टी कार्यसमिति यह तय करेगी कि प्रचार के लिए कौन नेता उपयोगी होंगे। 24 सितंबर को अयोध्या मसले पर आ रहे अदालती फैसले पर उन्होंने कहा कि राज्य में किसी सूरत में शांति व्यवस्था को भंग नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को फैसले से आपत्ति होती है तो उसके लिए ऊपरी अदालत में अपील का रास्ता खुला है, लेकिन किसी व्यक्ति को समाज के लिए समस्या खड़ी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
शुक्रवार, 17 सितंबर 2010
नीतीश बिहर के गौरव को अपना चुनावी मुद्दा बनाएँगे !!
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