दिल्ली स्थित एनजीओ सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक तमाम कंपनियां शहद तैयार करते समय तय मानक से अधिक मात्रा में एंटीबॉयोटिक का इस्तेमाल कर रही हैं। यही नहीं प्रतिबंधित एंटीबॉयोटिक का भी इस्तेमाल हो रहा है। इसका बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ना तय है।
सीएसई ने पांच बड़े भारतीय ब्रांड के शहद में एंटीबॉयोटिक की अधिक मात्रा होने की बात कही है। इनमें दो से चार एंटीबॉयोटिक मौजूद होते हैं। बुधवार को रिपोर्ट जारी करते हुए सीएसई की निदेशक सुनीता नारायणन ने बताया कि हैरतअंगेज तो यह है कि भारत में निर्यात किए जाने वाले शहद में एंटीबॉयोटिक की मात्रा कितनी हो, इसकी निगरानी के लिए उपाय किए जाते हैं लेकिन घरेलू इस्तेमाल के लिए तैयार होने वाले शहद के मामले में ऐसा नहीं है।
सीएसई ने आस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड के दो ब्रांडों में भी एंटीबॉयोटिक की काफी मात्रा मिली होने की बात बताई है। इन देशों में शहद में एंटीबॉयोटिक की मिलावट गैरकानूनी है। सीएसई ने इससे पहले सॉफ्ट ड्रिंक्स में कीटनाशकों और खिलौनों में जहरीले रसायन की मौजूदगी होने से संबंधित रिपोर्ट जारी की थी।

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