मालेगांव ब्लास्ट मामले में जेल में बंद साध्वी प्रज्ञा का जिक्र अजमेर ब्लास्ट मामले की एफआईआर में आया है। इसके मुताबिक अक्टूबर 2005 से जयपुर में एक बैठक के दौरान ब्लास्ट के लिए लोगों की जिम्मेदारी तय की गई जिसमें साध्वी प्रज्ञा को मीडिया प्रभारी बनाया गया। इसके बाद डांग में हुई एक बैठक में भी साध्वी प्रज्ञा शामिल हुईं। यह बैठक फरवरी 2006 में हुई हुई थी। आरोप राजनीति से प्रेरित उधर, अजमेर ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तीन लोगों को कोर्ट ने रिहा करने से इनकार कर दिया है। नितली अगालक ने अब इस मुकदमे में दो नवंबर से नियमित कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है।अजमेर दरगाह विस्फोट में किथत रूप से शामिल रहे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्वर्गीय सुनील जोशी की एक डायरी ने कई लोगों की नींद उ़डा रखी है। डायरी में आरएसएस नेत इंद्रेश कुमार का ना भी दर्ज है, लेकिन खुद इंद्रेश और आरएसएस ने ऎसे आरोप को राजनीति से प्रेरित बताया है।
आरएसएस ने बयान जारी कर कहा है, राजस्थान एटीएस ने आरएसएस के इंद्रेश कुमार का नाम चार्जशीट में शामिल किया है, इसके बाद से कुछ राजनेता और जांच एजेंसियां आरएसएस के खिलाफ आरोप लगा रही हैं जो दर्शाता है कि ये राजनीति से प्रेरित हैं और जांच एजेंसियों को प्रभावित करने की कोशिश जारी है।
बयान में आरएसएस नेता सुरेश जोशी ने कहा है कि इन बातों को संगठन सभी मंचों पर चुनौती देगा, जिसमें अदालत तक जाना भी शामिल है।
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