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बुधवार, 22 दिसंबर 2010

आईएसआई प्रमुख के नाम सम्मन जारी.

वर्ष 2008 में मुंबई हमलों में मारे गए अमरीकी नागरिक रब्बी गेवरिएल हॉल्ट्ज़बर्ग औऱ उनकी पत्नी के परिवार ने ब्रुकलिन की अदालत में पिछले महीने जो मुकदमा दायर किया था उसके तहत पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी आईएसआई के मुखिया समेत कई लोगों को अदालत ने पेश होने को कहा है.
जिन लोगों को समन जारी किए गए हैं उनमें आईएसआई के मौजूदा प्रमुख अहमद शुजा पाशा और आईएसआई के पूर्व प्रमुख नदीम ताज शामिल हैं. 
इसके अलावा पाकिस्तानी सेना के मेजर अली और मेजर इक़बाल, लश्करे तैबा के ज़कीउर्रहमान लखवी और हाफ़िज़ सईद को भी समन जारी हुए हैं. हॉल्ट्स्बर्ग परिवार के वकील जेम्स क्राईंडलर कहते हैं, “सभी नामज़द लोगों को समन दे दिए गए हैं. जनवरी में उन्हें अदालत को जवाब देना है. जो अमरीका के बाहर रहते हैं वह लोग अगर खुद नहीं आ सकते तो उनको अपने वकील के ज़रिए अदालत में पेश होना होगा.
दीवानी अदालत में कायम इस मुकदमे में आईएसआई और पाकिस्तानी फ़ौज के अफ़सरों पर इलज़ाम लगाए गए हैं कि उन्होंने मुंबई हमलों के लिए चरमपंथियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ उनकी मदद भी की. रब्बी गेवरिएल और उनकी पत्नी रिवका मुंबई के एक यहूदी केंद्र पर हुए हमले में मारे गए थे. उनकी हत्या उनके दो वर्षीय पुत्र के सामने की गई थी. उनके पुत्र मोशे को उसकी नैनी सैंड्रा ने बचाया था. चरमपंथी संगठन लशकरे तैबा के सदस्यों पर भी मुंबई हमलों में शामिल होने का आरोप है. भारत सरकार भी लशकरे तैबा को ही मुंबई हमलों के लिए ज़िम्मेदार ठहराती है. अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेज़ों में कहा गया है कि आईएसआई लंबे समय से लशकरे तैबा जैसी अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी संगठनों को पालती रही है और उन्हें अपने मकसद के लिए प्रयोग भी करती रही है.
हॉल्ट्ज़बर्ग परिवार के वकील कहते हैं हमलों में मारे गए लोगों के परिवारजनों को उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए. लेकिन वह यह भी चेताते हैं कि यह बहुत ही पेचीदा मामला है और इस मामले में मुआवज़ा हासिल करने में कई साल भी लग सकते हैं. जेम्स क्राईंडलर कहते हैं, मैंने अपने मुवक्किलों को बता दिया है कि यह कोई साधारण मामला नहीं है और इसमें कई साल लग सकते हैं लेकिन वह लोग इसके लिए तैयार हैं और कहते हैं जितने भी साल लग जाएं लेकिन वे ये मुकदमा लड़ेंगे.” जेम्स क्राईंडलर वही वकील हैं जिन्होंने लॉकरबी में पैनएम विमान मामले में मारे गए अमरीकियों के परिवारजनों को मुआवज़ा दिलवाया था, लेकिन उसमें भी 12 साल लग गए थे. ताज़ा मुकदमा भी अमरीकी कानून के तहत चरमपंथी हमलों का निशाना बनने वाले अमरीकियों के परिवारवालों ने ही दायर किया है. अगर वे कामयाब होते हैं तो लाखों डॉलर तक मुआवज़े में मिल सकते हैं.
अमरीका में क़ैद डेविड हेडली ये कबूल कर चुका है कि उसने पाकिस्तानी चरमपंथी संगठनों के साथ मिलकर मुंबई हमलों की तैयारी की थी. इसी बयान के बाद परिवारजनों ने पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी आईएसआई और लशकरे तैबा के खिलाफ़ मामला दर्ज करने का फ़ैसला किया. इनमें कुल पांच परिवार शामिल हैं. मुंबई हमलों में चार अमरीकी मारे गए थे और एक ज़खमी हुआ था. वर्ष 2008 के नवंबर महीने में मुंबई में चरमपंथियों ने चबाद हाउस पर भी हमला किया था जिसमें अमरीकी रबाई गैबरिएल हॉल्ट्स्बर्ग औऱ उनकी पत्नी रिवका समेत कई लोगों को गोलियों से भून डाला गया था. इस हमले में कई लोग ज़ख्मी भी हुए थे. अब न्यूयॉर्क में इस मुकदमे की अगली पेशी जनवरी महीने में होने की उम्मीद है.

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