निठारी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त सुरेन्द्र कोहली को सीबीआई की विशेष अदालत ने दीपाली हत्याकांड में दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई और तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया। सीबीआई के वकील जे पी शर्मा ने बताया कि 12 वर्ष की दीपाली निठारी से 18 जुलाई 2006 को लापता हो गई थी। दीपाली की मां रीता सरकार ने 19 जुलाई को नोएडा के सेक्टर 39 के थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
शर्मा ने बताया कि सीबीआई ने दीपाली की चप्पल कोहली के घर से बरामद की थी। उन्होंने बताया कि केस के दौरान 39 लोगों ने सुरेन्द्र के खिलाफ गवाही दी, जबकि उसके पक्ष में गवाही देने वालों में एकमात्र पान सिंह नाम का युवक था।
न्यायालय ने दीपाली मामले में कोहली को मौत की सजा सुनाने के साथ ही उसे अपहरण के एक अन्य मामले में आजीवन कारावास और एक हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। इसके अलावा बलात्कार के प्रयास और सुबूत मिटाने के मामले में सात सात साल की सजा और एक—एक हजार रुपए जुर्माने का दंड दिया गया।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि कोहली को तक तब फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसके प्राण न निकल जाएं।

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