प्रसार भारती प्रमुख भ्रष्टाचार में निलंबित. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 22 दिसंबर 2010

प्रसार भारती प्रमुख भ्रष्टाचार में निलंबित.

वित्तीय धांधली के आरोपों में घिरे प्रसार भारती के सीईओ बीएस लाली को निलंबित कर दिया गया है. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने उनके निलंबन का आदेश दिया. लाली पर कॉमनवेल्थ गेम्स प्रसारण का कॉन्ट्रैक्ट गलत ढंग से देने का आरोप.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सूचना प्रसारण मंत्रालय से मिला एक खत भेजा जिसमें बीएस लाली को निलंबित करने की सिफारिश की गई है. उत्तर प्रदेश कैडर के 1971 बैच के आईएएस अधिकारी बीएस लाली को निलंबित करने के आदेश पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने हस्ताक्षर कर दिए हैं. प्रसार भारती एक्ट के मुताबिक प्रसार भारती के चेयरमैन या सदस्य को राष्ट्रपति के आदेश पर ही हटाया जा सकता है.

प्रसार भारती का गठन 1997 में सरकारी प्रसारक के रूप में किया गया और इसमें दूरदर्शन टीवी नेटवर्क और ऑल इंडिया रेडियो आता है. यह पहली बार है जब प्रसार भारती के सीईओ को पद से हटाए जाने की तलवार लटक रही थी. कॉमनवेल्थ गेम्स के सीधे प्रसारण का अधिकार ब्रिटेन की एसआईएस लाइव फर्म को दिए जाना विवादास्पद रहा और लाली की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई. एक हफ्ते पहले ही राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने प्रसार भारती में वित्तीय अनियमितताओं की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की हरी झंडी दी.

लाली ने प्रसार भारती के सीईओ का पद 2006 में संभाला और केंद्रीय सतर्कता आयोग ने उन पर संसदीय विशेषाधिकार के हनन का आरोप लगाया. लाली पर आरोप है कि उन्होंने वित्तीय धांधली बरती और कुछ खास कंपनियों को गलत फायदा पहुंचाया.

खुद पर लगे आरोपों के जवाब में लाली कह चुके हैं कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार हो रहा है और ताकतवर लोग बाहर से अफवाहें फैला रहे हैं. लाली ने उम्मीद जताई की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच से लोगों के सामने सही तस्वीर आ सकेगी.

कोई टिप्पणी नहीं: