आज सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने पर गंभीरता से विचार हो रहा है और माना जा रहा है कि दोपहर तक इस मामले में फैसला हो जाएगा। अगर सचिन को भारत रत्न मिलता है तो वो देश का सर्वोच्च समान पाने वाले पहले खिलाड़ी होंगे।
क्रिकेट की दुनिया में अगर किसी के सामने सबका सिर झुकता है तो वो हैं भारत के रत्न सचिन रमेश तेंदुलकर। सूत्रों की मानें तो सचिन तेंदुलकर को इस बार भारत रत्न मिलना तय है। महाराष्ट्र सरकार समेत केंद्र के कई दिग्गज मंत्री भी इसके पक्ष में हैं। ये ऐसा मसला है जिस पर राजनीतिक दलों में भी कोई मतभेद नहीं है। अगर सचिन की योगदान की बात की करें तो टेस्ट क्रिकेट में शतकों का अर्धशतक जड़ चुके हैं। 21 सालों से लगातार देश के लिए खेल रहे हैं। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है। इसलिए कपिल देव और अजित वाडेकर जैसे महारथी भी सचिन को ये सम्मान देने की वकालत कर चुके हैं।
सचिन को भारत रत्न देने का समर्थन लता मंगेशकर जैसी बड़ी हस्ती कर चुकी हैं। खुद लता मंगेशकर ने कहा था कि उनके हजारों गानों से सचिन तेंदुलकर कहीं ज्यादा बड़े हैं। लेकिन सरकारी मशीनरी में सचिन को भारत रत्न जैसा सर्वोच्च सम्मान दिए जाने को लेकर कुछ हिचक भी है। सचिन की उम्र भारत रत्न जैसे सम्मान के लिहाज से छोटी है। सचिन तमाम निजी कंपनियों के उत्पादों का प्रचार करते हैं। किसी भारत रत्न का ऐसा करना उसकी गरिमा के खिलाफ है। किसी खिलाड़ी को अब तक ये सम्मान नहीं दिया गया।

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