दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

आस्था को उत्पन्न किया जाता है बल्कि कहना चाहिए कि

अपने अंदर उसे ढूंढा जाता है| आस्था अन्तर्निहित होती है

लेकिन उसे बाहर प्रदर्शित करना होता है| अगर तुम अपने

जीवन को देखो तो पाओगे, तुम्हारे जीवन में ईश्वर अनेक

रूपों में कार्य कर रहा है, इससे तुम्हारी आस्था मजबूत होगी|

कोई भी उसके गुप्त हाथों को नहीं देख पाता| अधिकाँश लोग

इन घटनाओं को स्वाभाविक और अवश्यम्भावी समझते हैं|


(श्री परमहंस योगानंद)

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