
बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2011-12 के लिए कुल 24 हजार करोड़ रुपये का योजना प्रारूप योजना आयोग को मंजूरी के लिए भेजा है. इसमें कुल 600 योजनाएं शामिल हैं. मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के बीच 15 फरवरी को होने वाली बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे के क्रम में योजना आयोग के उपाध्यक्ष से भी मुलाकात की थी. सूत्रों के अनुसार योजना आयोग ने राज्य सरकार से अगले वित्त वर्ष का योजना बजट 18,800 करोड़ रुपये का बनाने को कहा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से किसी हाल में योजना के आकार को 24 हजार करोड़ रुपये से कम नहीं करने का निर्देश दिया था.
मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि केंद्र सरकार प्रारूप को मंजूर नहीं करेगी तो राज्य सरकार खुद संसाधन जुटाएगी.
एक अधिकारी की मानें तो सरकार ने कुल योजना बजट का सामाजिक क्षेत्र में सबसे ज्यादा 35 प्रतिशत राशि खर्च करेगी, जबकि सड़क यातायात पर 24 प्रतिशत राशि खर्च करने की योजना बनाई गई है. राज्य सरकार द्वारा भेजे गए योजना प्रारूप को अगर मंजूरी मिल जाती है तो बिहार के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा योजना आकार होगा. वर्तमान वित्त वर्ष में बिहार सरकार का योजना आकार 20 हजार करोड़ रुपये का है.
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