कप्तानी का गुण नहीं सचिन में :- अजहर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

कप्तानी का गुण नहीं सचिन में :- अजहर

अजहर ने एक मैग्जीन को दिए साक्षात्कार में जब सचिन के बारे में प्रश्न पूछा गया तो वे इतना भड़क गए यहां तक कह बैठे,"मैं सचिन के बारे मे बात नहीं करना चाहता"। कुछ ऎसे लोग हैं जिनके बारे में बात करना पसंद नहीं करता। अजहर ने सख्चिन पर भड़ास उतारते हुए कहा कि उनमें कप्तानी के गुण नही थे।

सचिन और अजहर ने एक दूसरे की कप्तानी में कई मैच खेले हैं। अहजर की कप्तानी में सचिन अपनी बल्लेबाजी के श्रेष्ठ दौर में थे तो सचिन की कप्तानी में खेले गए कुछ मैचों में भी अजहर का प्रदर्शन शानदार रहा था। लेकिन हाल ही में "जीक्यू" मैग्जीन को इंटरव्यू के दौरान जब अजहर से पूछा गया कि सचिन ने कप्तान बने रहना क्यों स्वीकार नहीं किया। इस सवाल पर अजहर भड़े गए और यहां तक कह डाला कि "मैं सचिन के बारे मे बात नहीं करना चाहता"। कुछ ऎसे लोग हैं जिनके बारे में बात करना पसंद नहीं करता।

हालांकि जब अजहर से कहा गया कि क्या उन्हें सचिन के कप्तान बनने से ऎतराज था, इस बात का खंडन करते हुए पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि "यह सही नहीं है, आप आंकड़ों को देख लें, मैंने सचिन की कप्तानी में टीम के किसी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा रन बनाए हैं। सचिन में कप्तानी के गुण नहीं थे यही वजह है कि वे खुद नहीं चाहते थे कि वे कप्तान बनें रहें"।

क्रिकेटर से सांसद बने अजहर से जब पूछा गया कि वे सचिन और द्रविड़ में से किसकी बल्लेबाजी का लुत्फ लेते हैं। तो उन्होंने टका सा जवाब देते हुए कहा वे लक्ष्मण की बल्लेबाजी देखना पसंद करते हैं। लक्ष्मण का क्लास और उनका स्टाइल टीम के किसी अन्य खिलाड़ी नहीं मिलता।

अजहर ने कहा , ' मैं अपनी टीम के किसी भी पुराने साथी के टच में नहीं हूं। अब मेरी एकदम अलग जिंदगी है। मैं उस अल्लाह का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे इतनी हिम्मत दी। मैं बहुत ही सब्र वाला इंसान हूं। यही जिंदगी में आपको हर हालात में साथ देता है। मैंने जब से क्रिकेट खेलना छोड़ा है सिर्फ कपिल पाजी से ही मिला हूं। जिस तरह वह लोगों को इज्जत देते हैं मैं उसे पसंद करता हूं। '

2000 में मैच फिक्सिंग स्कैंडल में अजहर पर बैन लग गया था। उनका मानना है कि वह कुछ साल और क्रिकेट खेल सकते थे। उन्होंने कहा , ' मैं अच्छा खेल रहा था और काफी फिट था। उस टीम में कई युवा खिलाड़ियों से भी ज्यादा अच्छी मेरी फिटनेस थी। मैंने आखिरी टेस्ट मैच में 100 रन जुटाए। कुदरत के सामने आपकी कुछ नहीं चलती। मेरे नसीब में 99 टेस्ट मैच खेलना ही लिखा था। '

1 टिप्पणी:

Sunil Kumar ने कहा…

99ke chakkar men itna gussa kyon azhar bhai aap to wonder boy the ...