क्रिकेट को झंकझोरने वाले स्पॉट फिक्सिंग मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के विशेष न्यायाधिकरण ने शनिवार को अपना फैसला सुनाते हुए पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट्ट पर 10 वर्ष, तेज गेंदबाजों मोहम्मद आसिफ पर सात वर्ष और मोहम्मद आमेर पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
बट्ट, आसिफ और आमिर पर इंग्लैंड के खिलाफ अगस्त 2010 में लॉर्डस में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। इसका खुलासा एक समाचार पत्र ने सटोरिये पर किए गए अपने स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से किया था। मामले का खुलासा होने और इस सम्बंध में जांच शुरू होने के बाद आईसीसी ने तीनों को निलम्बित कर दिया था।
बाद में आईसीसी ने तीनों खिलाड़ियों को अपने निलम्बन के खिलाफ अपील करने की छूट दी थी। बट्ट और आमेर ने इसके खिलाफ अपील की थी लेकिन आसिफ ने इससे इंकार कर दिया था। इन दागी खिलाड़ियों ने लंदन टेस्ट के बाद कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। इन्हें विश्व कप टीम से भी बाहर रखा गया है।
जनवरी में इन खिलाड़ियों की छह दिवसीय पेशी हुई थी। इस दौरान आईसीसी द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय न्यायाधिकरण ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण के सदस्यों ने खिलाड़ियों की दलील को नकार दिया था। इसी मामले में लंदन के क्राउन प्रासिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने शुक्रवार को अपनी जांच का नतीजा सुनाते हुए तीनों खिलाड़ियों और ब्रिटेन के समाचार पत्र न्यूज आफ द वर्ल्ड के स्टिंग ऑपरेशन में शामिल सटोरिये मजहर माजिद पर घूसखोरी और षडयंत्र रचने सम्बंधी मुकदमा चलाने का फैसला किया है। इसे लेकर चारों को 17 मार्च को न्यायालय में पेश होना है।

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