
भारत में सुप्रीम कोर्ट ने संसद भवन पर हमले के मामले में दोषी करार अफजल गुरू की याचिका पर केंद्र सरकार का रुख पूछा है. अफजल गुरू ने खुद को दिल्ली की तिहाड़ जेल से जम्मू कश्मीर भेजने की मांग की है.
अफजल गुरू को भारतीय संसद पर 13 दिसंबर 2001 को हुए हमले में मौत की सजा मिली है. उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है ताकि अदालत उसे दिल्ली से जम्मू कश्मीर ट्रांसफर करने के लिए सरकार को निर्देश जारी करे. गुरू का कहना है कि उसका परिवार जम्मू कश्मीर में रहता है और वे उससे मिलने दिल्ली नहीं आ सकते.
जस्टिस आफताब आलम और आरएम लोढा ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए अफजल गुरू के वकील से पूछा क्या वह जम्मू कश्मीर के अलावा किसी और स्थान पर जाने को तैयार है. अफजल गुरू की तरफ से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच को बताया पंजाब के पठानकोट की जेल अफजल गुरू के लिए ठीक रहेगी क्योंकि वह जम्मू कश्मीर के करीब है.
अदालत ने अफजल की ओर से राष्ट्रपति को दी गई दया याचिका के मामले में प्रगति के बारे में पूछा. अफजल गुरू के वकील ने बताया कि यह याचिका पांच साल से राष्ट्रपति के सामने लंबित पड़ी है.
वकील कामाक्षी सिंह के जरिए दायर अपनी याचिका में अफजल गुरू ने कहा है कि उसका एक 11 साल का बेटा है जबकि उसकी मां की उम्र 80 साल से ज्यादा है और उनके लिए दिल्ली आना मुश्किल है. उसका यह भी कहना है कि परिवार जम्मू कश्मीर से दिल्ली आने का खर्च उठाने के भी काबिल नहीं है. ऐसे में या तो अदालत उसे जम्मू कश्मीर की किसी जेल में भेज दे या फिर सरकार उसके परिवार का दिल्ली आने का खर्च उठाने के लिए तैयार हो.
अदालत ने अफजल गुरू की याचिका सुनने के बाद उसके वकील से पूछा कि क्या इस आधार पर कैदी को किसी अन्य जेल भेजना उचित है. बेंच ने सवाल किया, "जो हालात आपने बयान किए हैं क्या उनमें ऐसा करना उचित है."
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