अब तक महान व्यक्तियों के अथवा ऐतिहासिक महत्व रखने वाले स्वर्गीय जनों के फोटो डाक टिकट पर देखा जाता रहा है। पर अब कोई भी व्यक्ति जब चाहे डाक टिकट पर अपनी फोटो छपवा सकता है, वह भी मात्र 10 मिनट में। भारतीय डाकतार विभाग माई पोस्ट नाम की यह योजना शुरू करने वाला है। आगामी सप्ताह दिल्ली में होने वाली अंतरराष्ट्रीय डाक टिकट प्रदर्शनी-इंडिपेक्स 2011 में यह योजना शुरू होगी।
योजना के उद्घाटन के बाद अपनी फोटो वाली डाक टिकट पाने के इच्छुक व्यक्ति 10 मिनट में यह टिकट डाकघर जाकर उपलब्ध कर सकता है। इंडिपेक्स 2011 के निदेशक कावेरी बनर्जी ने बताया कि अपना यह शौक पूरा करने लिए आपको 150 रुपये देने होंगे। प्रदर्शनी दिल्ली के प्रगति मैदान में आगामी 12 से 18 फरवरी तक लगेगी। उन्होंने बताया कि यह योजना दुनिया भर में लोकप्रिय है मगर सुरक्षा कारणों से अब इसे भारत में शुरू नहीं किया गया था।
पहली बार डाकतार विभाग खादी के कपड़े पर गांधी जी की फोटो छपा विशेष डाक टिकट जारी करने वाला है। खादी पर स्याही फैलने के कारण छपाई अधिकारियों के सामने यह काम एक चुनौती था। इसके लिए देश के भिन्न भागों में पैदा होने वो कपास के तैयार खादी पर छपाई करके देखी गई। अधिकारियों के खुशी का ठिकाना न रहा जब उन्होंने पाया कि पश्चिम बंगाल के कपास से बुनी गई खादी पर स्याही नहीं फैली। विभाग ने खादी पर गांधी जी की फोटो वाले एक लाख टिकट छापे हैं। राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटील इस टिकट का विमोचन करेंगी।
इस प्रदर्शनी में दुनिया भर के टिकट संग्राहकों को अपने संग्रह के साथ आमंत्रित किया गया है। इस प्रदर्शनी के दौरान टिकट कैसे संग्रहित करें? कहां-कहां से मिल सकती हैं? उनका जतन कैसे करें? इन बातों का उत्तर देने के लिए वर्कशाप होगा। भारतीय अभिनेताओं पर तो अनेक डाक टिकट जारी किए गए हैं मगर अभिनेत्रियों में अब तक यह सौभाग्य मात्र नर्गिस और मधुबाला को मिला पाया।
इस शिकायत को दूर करने लिए डाकतार विभाग ने देविका रानी, लीला नाइडू, मीना कुमारी, कानन देवी और सावित्री पर 6 डाक टिकट जारी करने घोषणा की है। इस प्रदर्शनी में इन 6 डाक टिकटों को भी जारी किया जाएगा। नाशिक और हैदराबाद स्थिति प्रतिभूति मुद्रणालय में छापी जाती हैं डाक टिकट। इस विषय में जानकारी देने के लिए छापने से पहले कई चरणों में होने वाले काम, कला (आर्ट वर्क) और तकनीकी ज्ञान भी इस प्रदर्शनी में दिया जाएगा।
योजना के उद्घाटन के बाद अपनी फोटो वाली डाक टिकट पाने के इच्छुक व्यक्ति 10 मिनट में यह टिकट डाकघर जाकर उपलब्ध कर सकता है। इंडिपेक्स 2011 के निदेशक कावेरी बनर्जी ने बताया कि अपना यह शौक पूरा करने लिए आपको 150 रुपये देने होंगे। प्रदर्शनी दिल्ली के प्रगति मैदान में आगामी 12 से 18 फरवरी तक लगेगी। उन्होंने बताया कि यह योजना दुनिया भर में लोकप्रिय है मगर सुरक्षा कारणों से अब इसे भारत में शुरू नहीं किया गया था।
पहली बार डाकतार विभाग खादी के कपड़े पर गांधी जी की फोटो छपा विशेष डाक टिकट जारी करने वाला है। खादी पर स्याही फैलने के कारण छपाई अधिकारियों के सामने यह काम एक चुनौती था। इसके लिए देश के भिन्न भागों में पैदा होने वो कपास के तैयार खादी पर छपाई करके देखी गई। अधिकारियों के खुशी का ठिकाना न रहा जब उन्होंने पाया कि पश्चिम बंगाल के कपास से बुनी गई खादी पर स्याही नहीं फैली। विभाग ने खादी पर गांधी जी की फोटो वाले एक लाख टिकट छापे हैं। राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटील इस टिकट का विमोचन करेंगी।
इस प्रदर्शनी में दुनिया भर के टिकट संग्राहकों को अपने संग्रह के साथ आमंत्रित किया गया है। इस प्रदर्शनी के दौरान टिकट कैसे संग्रहित करें? कहां-कहां से मिल सकती हैं? उनका जतन कैसे करें? इन बातों का उत्तर देने के लिए वर्कशाप होगा। भारतीय अभिनेताओं पर तो अनेक डाक टिकट जारी किए गए हैं मगर अभिनेत्रियों में अब तक यह सौभाग्य मात्र नर्गिस और मधुबाला को मिला पाया।
इस शिकायत को दूर करने लिए डाकतार विभाग ने देविका रानी, लीला नाइडू, मीना कुमारी, कानन देवी और सावित्री पर 6 डाक टिकट जारी करने घोषणा की है। इस प्रदर्शनी में इन 6 डाक टिकटों को भी जारी किया जाएगा। नाशिक और हैदराबाद स्थिति प्रतिभूति मुद्रणालय में छापी जाती हैं डाक टिकट। इस विषय में जानकारी देने के लिए छापने से पहले कई चरणों में होने वाले काम, कला (आर्ट वर्क) और तकनीकी ज्ञान भी इस प्रदर्शनी में दिया जाएगा।

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