जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रावास में एक छात्रा की ब्लू फिल्म बनाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। ब्लू फिल्म के पात्र विश्वविद्यालय के ही छात्र हैं और इसे बनाने का उद्देश्य पैसा कमाना बताया जाता है। लेकिन मकसद पूरा न होने पर इसे सार्वजनिक कर दिया गया। खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
फिल्म की गुणवत्ता देखकर इस गुनाह में किसी पोर्नोग्राफी रैकेट के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। ब्लू फिल्म की सीडी राजधानी के कई इलाकों में तो पहुंच ही चुकी है, 'दैनिक जागरण' के पास भी मौजूद है। वहीं शुरुआत में इस मामले को दबाने की असफल कोशिश के बाद प्रशासन ने अब पूरे प्रकरण की जांच कराने का फैसला लिया है।
ब्लू फिल्म में शामिल पात्र परिसर स्थित एक हॉस्टल के रहने वाले हैं और स्कूल आफ लैंग्वेज के विद्यार्थी बताए जाते हैं। फिल्म बनाने में सहयोग करने व इसके लिए उपकरण उपलब्ध कराने वाला कंप्यूटर साइंस का छात्र बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह अश्लील वीडियो पैसा बनाने के उद्देश्य से कुछ माह पूर्व तैयार किया गया था। लेकिन अन्य छात्रों को जब मामले की भनक लगी तो उन्होंने आरोपी छात्र की जमकर पिटाई की और फिल्म को नष्ट करा किसी प्रकार मामले को रफा-दफा करा दिया।
छात्रा के घरवालों को इसकी भनक लगते ही उसे घर बुला लिया। इस बीच प्रशासन ने चुप्पी साधे रखी। जबकि ब्लू फिल्म नष्ट किए जाने के पूर्व कई अन्य लोगों के हाथों लग चुकी थी। वहां से बाजार में आ गई। फिल्म को लाइब्रेरी के कंप्यूटर में भी पाए जाने की बात कही जा रही है। विदित हो कि लैंग्वेजेज की ही एक अन्य छात्रा का एमएमएस भी विगत दिनों काफी चर्चा में था। सूत्रों के मुताबिक जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा इसकी शिकायत प्राक्टर कार्यालय से करने के बाद आनन-फानन में मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जेएनयू के चीफ प्राक्टर प्रो. एचबी बोहिदार ने अश्लील वीडियो बनने की बात की पुष्टि की है। उनके मुताबिक मामले की जांच चल रही है और कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया भी गया है। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी और आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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