दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

जब हम अपने जीवन अनुभवों को अपना शिक्षक

बना लेते हैं और इस दुनियावी प्रकृति और उसमें

अपनी भूमिका को जान लेते हैं तो ये अनुभव आतंरिक

प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बन जाते हैं|


(श्री परमहंस योगानंद)

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