जब हम अपने जीवन अनुभवों को अपना शिक्षक
बना लेते हैं और इस दुनियावी प्रकृति और उसमें
अपनी भूमिका को जान लेते हैं तो ये अनुभव आतंरिक
प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बन जाते हैं|
(श्री परमहंस योगानंद)
जब हम अपने जीवन अनुभवों को अपना शिक्षक
बना लेते हैं और इस दुनियावी प्रकृति और उसमें
अपनी भूमिका को जान लेते हैं तो ये अनुभव आतंरिक
प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बन जाते हैं|
(श्री परमहंस योगानंद)
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