भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने आज कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के खिलाफ़ कार्रवाई को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में मतभेद नहीं हैं. सिंह ने कहा कि येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन अब तक उनके खिलाफ़ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बना है.
पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने यहां संवाददाताओं से कहा, येदियुरप्पा को पद छोड़ने के लिए कहने की जरूरत नहीं है. अगर उनके खिलाफ़ प्रथम दृष्टया मामला बना तो वह स्वयं ही पद छोड़ देंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या येदियुरप्पा के खिलाफ़ कार्रवाई शुरू करने के मुद्दे पर भाजपा में मतभेद हैं, उन्होंने कहा, जब प्रथम दृष्टया कोई मामला ही नहीं है तो वह पद कैसे छोड़ सकते हैं.
सिंह ने, दो अधिवक्ताओं द्वारा कागज पर की गई शिकायत के आधार पर येदियुरप्पा के खिलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल एच आर भारद्वाज की अनुमति देने की कार्रवाई पर सवाल उठाया. भाजपा नेता जसवंत सिंह ने कहा था कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. इस बारे में याद दिलाए जाने पर सिंह ने कहा कि यदि येदियुरप्पा के खिलाफ़ आरोप साबित हो गए तो वह येदियुरप्पा इस्तीफ़ा दे देंगे और केंद्रीय नेतृत्व को इसके लिए उन्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है. येदियुरप्पा के खिलाफ़ लगाए गए आरोपों की न्यायिक आयोग और लोकायुक्त द्वारा की जा रही जांच के नतीजे का इंतजार करना चाहिए. एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि वह यहां भाजपा आलाकमान की ओर से येदियुरप्पा को इस्तीफ़ा देने के लिए समझाने नहीं आए हैं. उन्होंने कहा, मैं मैसूर स्थित सत्तूर मठ में आयोजित एक समारोह के सिलसिले में यहां आया हूं.
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने हाल ही में कहा था कि पार्टी येदियुरप्पा के खिलाफ़ आरोपों की अंदरूनी जांच करा रही है. इसके विपरीत सिंह ने कहा, कोई आंतरिक जांच नहीं की जा रही है. सिंह ने, टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के सिलसिले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी को ‘मामूली कार्रवाई’ करार दिया. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की भाजपा की मांग को कमजोर करने के लिए ऐसा किया गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा टू जी स्पेक्ट्रम मामले, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले और आदर्श आवासीय सोसायटी घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की अपनी मांग नहीं छोड़ेगी और संसद के आगामी बजट सत्र में लगातार इसके लिए जोर देती रहेगी. राजनाथ सिंह ने कहा, संसद में गतिरोध के लिए सरकार जिम्मेदार है. राजग ने तब तक विरोध जारी रखने का फ़ैसला किया है जब तक संयुक्त संसदीय समिति से जांच की उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती.
पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने यहां संवाददाताओं से कहा, येदियुरप्पा को पद छोड़ने के लिए कहने की जरूरत नहीं है. अगर उनके खिलाफ़ प्रथम दृष्टया मामला बना तो वह स्वयं ही पद छोड़ देंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या येदियुरप्पा के खिलाफ़ कार्रवाई शुरू करने के मुद्दे पर भाजपा में मतभेद हैं, उन्होंने कहा, जब प्रथम दृष्टया कोई मामला ही नहीं है तो वह पद कैसे छोड़ सकते हैं.
सिंह ने, दो अधिवक्ताओं द्वारा कागज पर की गई शिकायत के आधार पर येदियुरप्पा के खिलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल एच आर भारद्वाज की अनुमति देने की कार्रवाई पर सवाल उठाया. भाजपा नेता जसवंत सिंह ने कहा था कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. इस बारे में याद दिलाए जाने पर सिंह ने कहा कि यदि येदियुरप्पा के खिलाफ़ आरोप साबित हो गए तो वह येदियुरप्पा इस्तीफ़ा दे देंगे और केंद्रीय नेतृत्व को इसके लिए उन्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है. येदियुरप्पा के खिलाफ़ लगाए गए आरोपों की न्यायिक आयोग और लोकायुक्त द्वारा की जा रही जांच के नतीजे का इंतजार करना चाहिए. एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि वह यहां भाजपा आलाकमान की ओर से येदियुरप्पा को इस्तीफ़ा देने के लिए समझाने नहीं आए हैं. उन्होंने कहा, मैं मैसूर स्थित सत्तूर मठ में आयोजित एक समारोह के सिलसिले में यहां आया हूं.
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने हाल ही में कहा था कि पार्टी येदियुरप्पा के खिलाफ़ आरोपों की अंदरूनी जांच करा रही है. इसके विपरीत सिंह ने कहा, कोई आंतरिक जांच नहीं की जा रही है. सिंह ने, टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के सिलसिले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी को ‘मामूली कार्रवाई’ करार दिया. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की भाजपा की मांग को कमजोर करने के लिए ऐसा किया गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा टू जी स्पेक्ट्रम मामले, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले और आदर्श आवासीय सोसायटी घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की अपनी मांग नहीं छोड़ेगी और संसद के आगामी बजट सत्र में लगातार इसके लिए जोर देती रहेगी. राजनाथ सिंह ने कहा, संसद में गतिरोध के लिए सरकार जिम्मेदार है. राजग ने तब तक विरोध जारी रखने का फ़ैसला किया है जब तक संयुक्त संसदीय समिति से जांच की उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती.

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