
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी. बेनजीर भुट्टो हत्याकांड की सुनवाई कर रही अदालत के वारंट के बाद मुशर्रफ की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है. रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी तेज.
अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आतंकवाद निरोधी अदालत ने पूर्व सेना प्रमुख और राष्ट्रपति रह चुके परवेज मुशर्रफ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया. मुशर्रफ को 19 फरवरी को अदालत में हाजिर रहने का आदेश भी दिया गया है. पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी एफआईए ने अदालत के सामने विस्तृत चार्जशीट पेश की है. चार्जशीट में मुशर्रफ को बेनजीर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया है.
एफआईए इसी हफ्ते मुशर्रफ का नाम फरार लोगों की सूची में डाल चुकी है. जांच एजेंसी के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति जांच में सहयोग भी नहीं कर रहे हैं. मुशर्रफ फिलहाल लंदन में हैं. वह खुद अपनी मर्जी से वहां रह रहे हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए एफआईए अब इंटरपोल की मदद से मुशर्रफ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की तैयारी कर रहा है.
बेनजीर भुट्टो की हत्या दिसंबर 2007 में हुई. 1988-90 और 1993-96 तक पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रहीं बेनजीर को रावलपिंडी में एक रैली के बाद हमलावरों ने निशाना बनाया. तीन साल के बाद जांचकर्ताओं का कहना है कि मुशर्रफ को बेनजीर भुट्टो पर होने वाले आतंकवादी हमले की जानकारी पहले से थी.
अधिकारियों के मुताबिक तहरीक ए तालिबान के प्रमुख बैतुल्लाह महसूद ने भुट्टो को मारने की योजना बनाई थी, जिसका पता तत्कालीन राष्ट्रपति मुशर्रफ को भी चल चुका था. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जानकारी खुद तक सीमित रखी और बेनजीर को पुख्ता सुरक्षा भी मुहैया नहीं कराई.
पाकिस्तान के इतिहास में यह पहला मौका है जब आधिकारिक रूप से किसी पूर्व सैन्य प्रमुख के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. लेकिन फिलहाल लंदन में बैठे मुशर्रफ को इससे कितनी परेशानी होगी, यह तय नहीं है. 2008 के चुनावों में मिली करारी हार के बाद से ही पूर्व राष्ट्रपति लंदन में रह रहे हैं.
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