शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 10,000 रुपये तक का जुर्माना और एक साल की सजा झेलनी पड़ सकती है। मोटर वाहन अधिनियम में सुधार की सिफारिशों को यदि मान लिया जाता है, तो राजधानी में शराब पीकर गाड़ी चलाना या ड्राइविंग करते हुए मोबाइल फोन पर बात करना काफी महंगा साबित हो सकता है।
अधिनियम में सुधार के सुझावों को यदि मंजूरी मिल जाती है, तो गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने वालों को 1,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा। एक विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया है कि यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर गाड़ी चलाता पकड़ा जाता है, और उसके 100 एमएल खून में 150 एमजी तक शराब पाई जाती है, तो उसे छह माह से एक साल की सजा होनी चाहिए या उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाना चाहिए। या फिर दोनों हो सकती हैं। यदि व्यक्ति के शरीर में 30 से 150 एमजी तक शराब पाई जाती है, तो उसे छह माह की सजा या पांच रुपये का जुर्माना या अर्थदंड और जेल दोनों हो सकती हैं।
पूर्व सड़क सचिव एस सुंदर की अध्यक्षता वाली दस सदस्यीय समिति द्वारा तैयार 411 पष्ठों की रिपोर्ट में ये सुझाव दिए गए हैं। समिति ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के सुधार के बारे में अपने सुझाव दिए हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। समिति ने सुझाव दिया है कि यदि गाड़ी चलाते हुए कोई व्यक्ति मोबाइल पर बात करता पकड़ा जाता है, तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाना चाहिए। साथ ही इसमें पेनाल्टी अंकों का प्रावधान भी होना चाहिए।

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