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शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

पाक ने अमरीकी अधिकारी को जेल भेजा.

पाकिस्तान और अमेरिका के बीच कड़वाहट का सबब बने अमेरिकी अधिकारी रेमंड डेविस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. दो पाकिस्तानी युवकों को गोली मारने के आरोप में 15 दिन से पुलिस की हिरासत में थे डेविस.

लाहौर की अदालत में भारी सुरक्षा के बीच रेमंड डेविस की शुक्रवार को पेशी हुई जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया गया. डेविस ने अदालत के सामने दलील कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी. अमेरिकी सरकार का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार ने उसके राजनयिक को गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा है. अमेरिकी सरकार के मुताबिक डेविस अमेरिकी दूतावास के कर्मचारी हैं और उन्हें राजनयिकों वाली वैधानिक सुरक्षा मिली हुई है.

अमेरिका सांसदों ने चेतावनी दी है कि अगर डेविस को जल्दी रिहा नहीं किया गया तो वो पाकिस्तान को मदद की राशि का भुगतान रोक देंगे. पाकिस्तान को अमेरिका की तरफ से 7.5 अरब डॉलर की सामान्य और 2.5 अरब डॉलर की सैन्य सहायता राशि का भुगतान किया जाना है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत को भी रोकने की धमकी दी गई है.

पंजाब सरकार की तरफ से सरकारी वकील अब्दुल समाद ने पत्रकारों को बताया,"उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी. बचाव पक्ष के वकील ने ज्यादातर समय उन्हें राजनयिक के रूप में मिली वैधानिक सुरक्षा का ही हवाला देते रहे. जज ने कहा कि वैधानिक सुरक्षा का मामला ऊंची अदालत का है जिसके बारे में वो चर्चा नहीं करेंगे." पुलिस अधिकारी सुहैल सुखेरा ने बताया कि डेविस को उच्च सुरक्षा वाली कोट लखपत जेल में भेजा जा रहा है.

इससे पहले 1 फरवरी को लाहौर हाईकोर्ट ने रेमंड डेविस को रिहा करने पर रोक लगा दी थी कि और विदेश मंत्रालय से 15 दिन के भीतर ये बताने को कहा कि क्या डेविस के पास राजनयिकों वाली वैधानिक सुरक्षा है. फैसले के बाद फिलहाल अमेरिकी दूतावास के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. 27 जनवरी को डेविस ने दो पाकिस्तानी युवकों को गोली मारी दी और बताया कि वो दोनों उसे लूटने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान डेविस की मदद के लिए आ रही दूतावास की गाड़ी की चपेट में आकर एक और पाकिस्तानी युवक मारा गया. इसके बाद डेविस को गिरफ्तार कर लिया गया.

सरकारी वकील समाद ने बताया कि डेविस के वकीलों ने दो आवेदन दिए हैं इनमें एक में कहा गया है कि डेविस दूतावास का कर्मचारी है इसलिए उसे राजनयिकों वाली वैधानिक सुरक्षा मिले दूसरा आवेदन इस बारे में है कि कोर्ट की कार्रवाई की विडियो रिकॉर्डिंग की जाए.

पाकिस्तान सरकार के लिए ये मामला चिंता का सबब बन गया है. एक तरफ उस पर डेविस पर कार्रवाई करने के लिए घरेलू दबाव है दूसरी तरफ अमेरिका अपने अधिकारी को रिहा करने की मांग कर रहा है. स्थानीय वकीलों की दलील है कि गंभीर अपराध के लिए राजनयिक की वैधानिक सुरक्षा खत्म की जा सकती है.

मारे गए युवकों में से एक फहीम की बीवी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली इसके बाद मामला और संगीन हो गया. लाहौर में बड़ी संख्या में लोगों ने इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया है और डेविस पर मुकदमा चलाने की मांग की है. डेविस को अभी तक पुलिस ने अपनी हिरासत में रखा था.

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