मिस्र के प्रमुख विपक्षी नेता बनकर उभरे नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद अलबरदेई ने पश्चिमी देशों की इस चिंता को शांत करने की कोशिश की है कि मुबारक के बाद का मिस्र इजरायल और अमेरिका के खिलाफ हो सकता है।
अलबरदेई ने सीबीएस न्यूज से कहा कि यह प्रचार कि मिस्र लोकतंत्र में बदलने के बाद अमेरिका और इजरायल का विरोधी हो जाएगा, ये केवल प्रचार और कल्पना मात्र है।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था का अच्छा प्रबंधन करने वाले अलबरदेई को नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था। मिस्र में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के खिलाफ काहिरा में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद वह स्वदेश लौट आए थे।
विश्व भर में मशहूर लेकिन मिस्र में कम चर्चित रहे वरिष्ठ राजनयिक अलबरदेई राष्ट्रपति के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों में प्रमुख विपक्षी नेता बनकर उभरे हैं। इन प्रदर्शनों में कई लोग मारे गए हैं। अलबरदई ने उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और जोर दिया कि मुबारक पहले गद्दी छोड़े।
उन्होंने कहा कि जब तक मुबारक सत्ता में हैं तब तक मैं कोई बातचीत नहीं करुंगा। जो भी आप करेंगे ये उनके शासन को वैधता देगा जो मेरे नजरिये से वह खो चुके हैं।
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