विलास राव देशमुख पर उठे सवाल. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 7 फ़रवरी 2011

विलास राव देशमुख पर उठे सवाल.

सुप्रीम कोर्ट के जज ए. के. गांगुली ने एक सेमिनार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री विलास राव देशमुख के मंत्रिमंडल में बने रहने को शर्मनाक बताया है, जिससे यूपीए सरकार और कांग्रेस के सामने गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। कानून के कई जानकारों का कहना है कि जज को अदालत के बाहर इस तरह टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मगर पहले ही कई गंभीर घपलों-घोटालों के आरोप झेल रही सरकार और पार्टी के लिए जज द्वारा उठाए गए सवाल गंभीर राजनीतिक संकट पैदा कर सकते है।

गांगुली ने एक सेमिनार में कहा कि यह दुखद और हैरान कर देने वाली बाद है कि सरकार कैसे इस तरह के मंत्रियों को बना रहने देती है और उन्हें तरक्की भी देती है। यह गरिमापूर्ण नहीं है। गांगुली की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस में फिर से ऐसे मंत्रियों के खिलाफ आवाज तेज हो गई जो अपनी गरीब विरोधी रवैये के लिए जाने जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जज गांगुली और जी. एस. सिंघवी ने गरीब किसान का शोषण करने वाले एक एक कांग्रेसी विधायक के साहूकार पिता को बचाने के मामले में देशमुख पर जुर्माना लगाते हुए उनकी आलोचना की थी। उस समय देशमुख महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। किसान को आत्महत्या करना पड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आलोचना के बाद यह माना जा रहा था कि देशमुख को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा दिया जाएगा। लेकिन वह न केवल खुद को बचाने में सफल हो गए बल्कि हाल के मंत्रिमंडल के फेरबदल में गांव और किसान से जुड़ा महत्वपूर्ण ग्रामीण विकास मंत्रालय भी पा गए। कांग्रेस के एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि देशमुख को सजा के स्थान पर इनाम मिलने से गरीब किसानों में गलत संदेश गया है।

कांग्रेस 2004 में आम आदमी का नारा देकर चुनाव जीती थी। लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार की नीतियां अमेरिका और अमीरों की समर्थक हैं। यूपी से संबंंध रखने वाले किसान नेता ने कहा कि 2009 में गांवों से कांग्रेस को जबर्दस्त समर्थन मिला मगर किसानों की आत्महत्याएं और खेती-किसानी का लगातार अलाभकारी होना रुका नहीं है।
कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी अपने भाषणों में बीजेपी को गांव देहात की वास्तविकता नहीं जानने वाली शहरी लोगों की पार्टी कहते हैं। पिछले चार साल से राहुल देश के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में जाकर वहां छोटे किसानों और भूमिहीन किसानों से मिल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल से ही यूपीए वन किसानों के लिए कर्ज माफी की योजना लाया था। माना जा रहा है कि देशमुख के खिलाफ आई इस गंभीर टिप्पणी के बाद कांग्रेस के लिए उन्हें मंत्री बनाए रखना आसान नहीं होगा। संसद के बजट सत्र में विपक्ष के लिए यह एक बड़ा मुद्दा होगा। 

कोई टिप्पणी नहीं: