पूर्णिया में बलात्कार और यौन शोषण के आरोपी भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजकिशोर केसरी की हत्या के आरोप में जेल में बंद पत्रकार नवलेश पाठक की पुनरीक्षण अर्जी पर सुनवाई के लिए पटना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले के मूल अभिलेख की मांग की है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीएन मिश्र की अदालत में पाठक की ओर से दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर सोमवार को बहस के दौरान कहा गया कि न्यायिक हिरासत में 90 दिन की अवधि गुजरने के बावजूद केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अभी तक उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है और न ही निचली अदालत ने इस आधार पर उन्हें जमानत पर मुक्त ही किया है।
न्यायाधीश मिश्र ने मामले पर विस्तृत सुनवाई के लिए निचली अदालत से मूल अभिलेख की मांग करते हुए अगली सुनवाई की तिथि 25 अप्रैल निश्चित की है। 04 जनवरी को पूर्णिया के खजांची हाट थाना क्षेत्र में विधायक राजकिशोर केसरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच बिहार सरकार की सिफारिश पर सीबीआई कर रही है। मामले को पटना स्थित ब्यूरो की विशेष अदालत में भेज दिया गया। इस मामले में ब्यूरो ने मुख्य अभियुक्त रूपम पाठक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला पाते हुए आरोप पत्र दाखिल कर दिया है जबकि इसी मामले में अभियुक्त बनाए गए नवलेश पाठक के खिलाफ जांच अभी जारी है।

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