आईपीएल-4 में हिस्सा ले रहे श्रीलंकाई खिलाड़ियों के अपने देश लौटने से टीमों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। टीमों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वो बीच टूर्नामेंट में इन क्रिकेटरों के चले जाने के बाद इनकी जगह पर किन खिलाड़ियों को शामिल करें।
श्रीलंका के खेल मंत्री महिंदानंद अलुथगामगे ने श्रीलंका बोर्ड के सचिव से खिलाड़ियों को वापस बुलाने को कहा है। इन क्रिकेटरों को मई में होने वाले इंग्लैंड दौरे की तैयारी के लिए वापस लौटने और 5 मई से अभ्यास में हिस्सा लेने को कहा गया है। श्रीलंका के 11 खिलाड़ी आईपीएल की अलग-अलग टीमों में खेल रहे हैं। श्रीलंका की टीम 10 मई से 63 दिन के इंग्लैंड दौरे पर जा रही है। वहां उसे तीन टेस्ट और 5 वनडे खेलने हैं।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के इस ऐलान के बाद पहले से ही दर्शकों की कम होती दिलचस्पी का सामना कर रहे इस टूर्नामेंट पर संकट के बादल घिरते नज़र आ रहे हैं। आईपीएल की अधिकतर टीमें ऐसी हैं जो अपने हिस्से के आधे लीग मैच खेल चुकी हैं और टूर्नामेंट के अहम दौर में पहुंचने वाली हैं। श्रीलंकाई क्रिकेटरों के वापस लौटने से आईपीएल की अधिकतर टीमों को इनकी भरपाई करने में दिक्कत आ रही है। खासकर उन टीमों को जिसमें लसिथ मलिंगा, कुमार संगकारा, महेला जयवर्द्धने और तिलकरत्ने दिलशान जैसे श्रीलंकाई खिलाड़ी हैं, को भारी नुकसान हो सकता है।
कोच्चि टस्कर्स की टीम की अगुवाई जयवर्धने कर रहे हैं तो डेकन चार्जर्स की कमान संगकारा के हाथों में है। ऐसे में दोनों टीमों के लिए नए कप्तान ढूंढने की चुनौती टीम प्रबंधन को परेशान कर सकती है। मुंबई इंडियंस को मलिंगा की गैर मौजूदगी खल सकती है। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज के नहीं रहने से मुंबई इंडियंस की टीम के चैंपियन बनने की उम्मीदों को धक्का लगा है। हालांकि मुंबई की टीम इस समय बेहद संतुलित दिख रही है लेकिन पिछले सीजन और पिछले दो मैचों में मलिंगा ने अपनी कहर बरपाती गेंदों से विपक्षी टीमों को जोरदार झटका दिया है।
दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ मुकाबले में मलिंगा ने पांच विकेट झटकते हुए विपक्षी टीम की कमर ही तोड़ दी थी और पूरी टीम 95 रनों के स्कोर पर बिखर गई। बैंगलोर के खिलाफ मैच में भी श्रीलंकाई तेज गेंदबाज ने अहम विकेट झटके थे। मलिंगा के वापस जाने से कप्तान सचिन तेंडुलकर को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा। मुनाफ पटेल के अलावा उनके पास कोई जाना माना गेंदबाज नहीं है। ऐसे में गेंदबाजी सचिन की टीम की कमजोरी बन जाएगी और विपक्षी टीमें इसका भरपूर फायदा उठा सकती हैं।
श्रीलंका के अन्य स्टार खिलाड़ी दिलशान रॉयल चैलेंजर्स के अहम बल्लेबाज हैं जिनकी कमी टीम को खल सकती है। इस समय बैंगलोर की टीम ठीक-ठाक दिख रही है और बल्लेबाजी भी मजबूत है लेकिन दिलशान में मैच जिताने की जो क्वालिटी है, उसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है। आक्रामक बल्लेबाजी, कलाइयों का बेहतर इस्तेमाल और सही टाइमिंग की वजह से दिलशान क्रिकेट के फटाफट स्वरूप के लिए बेहद फिट हैं और मैच जिताऊ खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। वह न केवल बल्लेबाजी, बल्कि बैकवर्ड प्वाइंट पर बिजली सी फुर्ती वाली फिल्डिंग और बेहतरीन ऑफ स्पिन गेंदबाजी की बदौलत टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
श्रीलंकाई बोर्ड के ताजा फरमान से आईपीएल की कोच्चि टस्कर्स और डेकन चार्जर्स को तो जरूर तगड़ा झटका लगेगा। चार्जर्स अब तक अपने दोनों मुकाबले हार चुके हैं और उनकी टीम में कोई भी बड़ा नाम ऐसा नहीं है जो बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद कर सके। कैमरुन ह्वाइट इस समय बांग्लादेश के दौरे पर गई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हैं जो जल्द ही चार्जर्स का हिस्सा बनकर टीम की डूबती नैया बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। आईपीएल में पहली बार हिस्सा ले रही कोच्चि की टीम टूर्नामेंट की सबसे कमजोर टीम मानी जा रही है। जयवर्धन के वापस जाने से इस टीम को स्टार खिलाड़ी और कप्तान गंवाना पड़ जाएगा।

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