पीठ दर्द और रेल यात्रा के चलते साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सोमवार को मध्यप्रदेश के देवास में जिला अदालत परिसर में खड़ी एक एम्बुलेंस में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) ओंकार सिंह के समक्ष पेश किया गया. प्रज्ञा आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी की हत्या में आरोपी हैं. साध्वी प्रज्ञा को सोमवार को ही सुबह अवंतिका एक्सप्रेस से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मुंबई से देवास लाया गया, जहां वह मालेगांव बम विस्फोट मामले में ‘मकोका’ के तहत हिरासत में जे जे अस्पताल में रखी गई थीं.
सुनील जोशी हत्या मामले में उन्हें देवास जिला न्यायालय के ‘प्रोडक्शन वारंट’ पर यहां लाया गया है. हालांकि महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से मध्यप्रदेश पुलिस को हस्तांतरित नहीं किया है. एडीजे सिंह ने अदालत परिसर में खड़ी एम्बुलेंस में आकर साध्वी प्रज्ञा से उसकी पहचान के बारे में पूछ ताछ की , क्योंकि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से वह पहली मंजिल स्थित उनकी अदालत तक नहीं जा सकती थी. साध्वी के वकील के एक आवेदन पर एडीजे ने उनके साथ चौबीस घंटे रहने के लिए दो महिला सहायक रखने के निर्देश दिए. रीढ़ की हड्डी में दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के चलते यहां महात्मा गांधी जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने साध्वी प्रज्ञा को इंदौर के एम वाय अस्पताल ले जाने की सलाह दी है. अब चिकित्सक यह तय करेंगे कि वह वापस मुंबई जाने के लिए कब रेल यात्रा के लायक होंगी.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें