पाक के कहने पर आतंकवादियों कि मदद की. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 16 अप्रैल 2011

पाक के कहने पर आतंकवादियों कि मदद की.

मुंबई आतंकवादी हमला मामले में आरोपी और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा ने यहां एक अदालत में कहा कि उसने आतंकी समूह लश्कर ए तैयबा के कहने पर नहीं बल्कि पाकिस्तान सरकार और उसकी जासूसी एजेंसी आईएसआई के कहने पर आतंकवादियों की मदद की थी।

अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, राणा ने अपने बचाव में कहा कि उसने आतंकवादियों को मदद करने की कथित अवैध कार्रवाई पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के कहने पर की थी, न कि आतंकी संगठन लश्कर के कहने पर।

कनाडा के अखबार द ग्लोब एंड मेल ने ये दस्तावेज प्रकाशित किए हैं। राणा के खिलाफ सुनवाई 16 मई से होगी। सुनवाई एक माह चलने की संभावना है। दस्तावेजों के अनुसार, राणा ने अपने बचाव में कहा कि आईएसआई को भारत में पाकिस्तान के हितों की रक्षा के लिए काम करने का अधिकार है। लोक प्राधिकार बचाव के तहत दलीलों के जरिये अपना बचाव करने की कोशिश में राणा ने तर्क दिया कि उसने जो किया, वह सरकार के कहने पर किया। उसने कहा कि उसने पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के प्राधिकारियों (चाहे वास्तविक हो या परोक्ष) के कहने पर ऐसा किया। लोक प्राधिकार बचाव के तहत प्रतिवादी यह साबित करने की कोशिश करता है कि उसने जो कुछ किया, वह सरकार की पहल पर ही किया है।

राणा ने इस मामले के सहआरोपी और लश्कर के एक कार्यकर्ता डेविड हेडली की गवाही पर भी भरोसा जताया। हेडली ने आतंकवादी हमले के लिए वित्त व्यवस्था में एक सैन्य अधिकारी मेजर इकबाल की संलिप्तता की बात कही थी। हेडली को राणा के खिलाफ गवाह के तौर पर पेश किया जा सकता है। जज हैरी डी लिनेनवेबर ने कहा इसके बाद, उसने अमेरिकी अदालत में विदेशी संप्रभु छूट अधिनियम (एफएसआईए) के तहत आपराधिक मुकदमे से छूट मिलने की दलील दी, जब वह मुंबई में पहला विश्व आव्रजन कार्यालय खोलने के लिए हेडली को अनुमति देने जैसी गतिविधियों में लिप्त था। अदालत ने राणा की दलीलें यह कहते हुए खारिज कर दीं कि बचाव के लिए उसका, अमेरिकी संघीय कानून के उल्लंघन के लिए पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के अधिकारियों से अनुमति मिलने का दावा तर्कसंगत नहीं है। अदालत ने कहा प्रतिवादी ने पाकिस्तान या भारत में नहीं बल्कि अमेरिका में अपनी गतिविधि को अंजाम दिया।

49 वर्षीय राणा पर डेविड हेडली को मुंबई में अपना कार्यालय खोलने में सहायता करने का आरोप है। इस कार्यालय के काम के बहाने हेडली ने शहर का कई बार दौरा कर हमलों के ठिकानों की पहचान की थी। यूएस जिला अदालत के जज हैरी लिनेनवेबर ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा सुनवाई के लिए जजों के बैठने की प्रक्रिया शुरू हो गई। अमेरिकी नागरिक 50 वर्षीय हेडली ने पिछले साल 18 मार्च को अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। लेकिन शिकागो के कारोबारी राणा ने खुद को बेकसूर बताया है। राणा को सोमवार को जब अदालत में पेश किया गया तब उसने नारंगी रंग का जंपसूट पहना हुआ था। उसके चेहरे पर हल्की मुस्कुराहट थी। राणा के वकील पैट्रिक ब्लेजन ने कहा कि वह गवाहों की सूची तैयार कर रहे हैं और साथ ही आतंकवाद तथा कंप्यूटर फॉरेन्सिक विशेषज्ञों से मशवरा भी कर रहे हैं ताकि मामला तैयार किया जा सके। दोनों, बचाव और अभियोजन पक्षों ने अपने अपने दावे दाखिल करने के लिए तारीखें मांगी हैं। मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।

राणा को पिछले साल 15 फरवरी को एक संघीय अदालत ने 12 आरोपों में दोषी ठहराया था। ये आरोप हमले की साजिश रचने, लश्कर ए तैयबा को बम हमले करने में सहायता देने तथा मुंबई में ठिकानों की पहचान करने में हेडली को दिशानिर्देश देने संबंधी थे। राणा पाकिस्तानी सेना की मेडिकल कोर में डाक्टर था। बाद में वह कनाडा चला गया। वह, पैगम्बर मोहम्मद के ईशनिंदा करने वाले कार्टून प्रकाशित करने वाले डेनमार्क के अखबार जिलैंडस पोस्टेन पर हमला करने की हेडली के साथ साजिश रचने के मामले में सहआरोपी है। दोषी पाए जाने पर राणा को उम्र कैद हो सकती है। मुंबई में 26 नवंबर को दस पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले में छह अमेरीकियों सहित 166 लोग मारे गए थे।

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