श्रीलंका के एक भू वैज्ञानिक ने भविष्यवाणी की है कि जापान में 16 से 20 अप्रैल के बीच और भूकंप आ सकता है। उसने भारत-चीन सीमा पर भी 14 से 16 अप्रैल तक भूकंप आने की भविष्यवाणी की है ।
पियरदेनिया यूनिवर्सिटी में जियोलॉजिकल रिसर्च डिपार्टमेंट के भू वैज्ञानिक अथुला सेनारत्ने ने कहा कि 16 से 20 अप्रैल के बीच जापान में और 14 से 16 अप्रैल के बीच भारत तथा चीन की सीमा पर भूकंप आ सकता है। सेनारत्ने ने इंडोनेशिया, जावा और सुमात्रा क्षेत्र में भी 17 अप्रैल तक भूकंप आने की आशंका जताई है।
उन्होंने बताया कि पिछले सौ साल में रिक्टर स्केल पर 6 तीव्रता से अधिक जितने भी भूकंप आए हैं, उनके विश्लेषण के आधार पर उन्होंने यह भविष्यवाणी की है। भारत चीन की सीमा पर आने वाला भूकंप तुर्की, ईरान और यूनान को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम ने मार्च में जापान में आने वाले भूकंप की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी। उन्होंने कहा कि श्रीलंका किसी भूकंप से प्रभावित नहीं होगा लेकिन 17 अप्रैल तक इंडोनेशिया में आने वाले भूकंप की वजह से आने वाली सुनामी से प्रभावित हो सकता है, बशर्ते कि भूकंप का केंद्र समुद्र तल से 25 किलोमीटर अंदर हो। सुमात्रा में 2004 में भूकंप और सुनामी की वजह से श्रीलंका के तटीय इलाकों में भारी तबाही हुई थी। तीस हजार लोग मारे गए थे और एक लाख से अधिक लोग बेघर हो गए थे।
पियरदेनिया यूनिवर्सिटी में जियोलॉजिकल रिसर्च डिपार्टमेंट के भू वैज्ञानिक अथुला सेनारत्ने ने कहा कि 16 से 20 अप्रैल के बीच जापान में और 14 से 16 अप्रैल के बीच भारत तथा चीन की सीमा पर भूकंप आ सकता है। सेनारत्ने ने इंडोनेशिया, जावा और सुमात्रा क्षेत्र में भी 17 अप्रैल तक भूकंप आने की आशंका जताई है।
उन्होंने बताया कि पिछले सौ साल में रिक्टर स्केल पर 6 तीव्रता से अधिक जितने भी भूकंप आए हैं, उनके विश्लेषण के आधार पर उन्होंने यह भविष्यवाणी की है। भारत चीन की सीमा पर आने वाला भूकंप तुर्की, ईरान और यूनान को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम ने मार्च में जापान में आने वाले भूकंप की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी। उन्होंने कहा कि श्रीलंका किसी भूकंप से प्रभावित नहीं होगा लेकिन 17 अप्रैल तक इंडोनेशिया में आने वाले भूकंप की वजह से आने वाली सुनामी से प्रभावित हो सकता है, बशर्ते कि भूकंप का केंद्र समुद्र तल से 25 किलोमीटर अंदर हो। सुमात्रा में 2004 में भूकंप और सुनामी की वजह से श्रीलंका के तटीय इलाकों में भारी तबाही हुई थी। तीस हजार लोग मारे गए थे और एक लाख से अधिक लोग बेघर हो गए थे।

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