आईएसआई के कहने पर मुंबई हमला. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 13 अप्रैल 2011

आईएसआई के कहने पर मुंबई हमला.


  26/11 को मुंबई पर हमले की साजिश में शामिल होने के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा और मुंबई में रेकी करने के आरोपी डेविड हेडली का कहना है कि हमने पाकिस्तान सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कहने पर काम किया। 

राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जबकि हेडली पाक मूल का अमेरिकी नागरिक। हेडली ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था, राणा ने नहीं। मीडिया में जो कोर्ट दस्तावेज सामने आए हैं, उनके मुताबिक राणा का कहना है कि मुंबई अटैक के आतंकवादियों को 'मटीरियल सपोर्ट' लश्कर के कहने पर नहीं, बल्कि पाक सरकार और आईएसआई के कहने पर किए गए। राणा ने अपने दोस्त डेविड हेडली की गवाही का भी हवाला दिया है, जिसने आईएसआई का नाम लिया था। उसने किसी मेजर इकबाल के फंडिंग में शामिल होने की बात कही थी।

राणा ने इन बातों के जरिए इलिनोइस कोर्ट में बचाव सामने रखा। वह पब्लिक अथॉरिटी डिफेंस के तहत आपराधिक मुकदमे से मुक्ति चाहता था, जिसमें यह दलील दी जाती है कि मैंने एक सरकार के कहने पर काम किया। राणा का कहना है कि आईएसआई को पाक के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए भारत में गतिविधियां चलाने का अधिकार है। हालांकि कोर्ट ने बचाव को यह कहकर खारिज कर दिया कि पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के अधिकारियों ने उसे अमेरिकी कानून तोड़ने की इजाजत दी, यह दलील गले नहीं उतरती। उसने अपना काम पाकिस्तान या भारत में नहीं, बल्कि अमेरिका में किया। इन खुलासों के बाद भारत-पाक रिश्तों में भी खटास के अनुमान लगाए जा रहे हैं। 26/11 अटैक के बाद भारत की नाराजगी को शांत करने के लिए पाक ने कहा था कि हमले में सरकारी मशीनरी का हाथ नहीं है। हमले का दोष लश्कर-ए-तैबा को दिया गया था, लेकिन भारत में माना गया था कि लश्कर अकेला नहीं था।

यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है, जब आईएसआई चीफ शुजा पाशा वॉशिंगटन में अपनी मांगें रखने जा रहे हैं। अमेरिका रेमंड डेविस प्रकरण के बाद पाक से अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहा है। वह आतंकवाद और आईएसआई के रिश्तों को जानते हुए यह कदम उठा रहा है।

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