अन्ना के खिलाफ अपराधिक प्रकरण लंबित. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

अन्ना के खिलाफ अपराधिक प्रकरण लंबित.


समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन शुरू किए जाने के बाद, पहली बार अब सीधे अन्ना हजारे पर हमला बोला गया है।  पुणे के एक एनजीओ, नेशनल एंटी- करप्शन पब्लिक पावर के अध्यक्ष हेमंत बाबूराव पाटिल ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की है कि अन्ना हजारे के खिलाफ अपराधिक प्रकरण लंबित हैं और उन्हें लोकपाल बिल ड्राफ्ट करने के लिए बनाई गई संयुक्त समिति से तत्काल बाहर किया जाना चाहिए।

अभी तक हजारे के साथी और संयुक्त समिति के सदस्य शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण के खिलाफ कई आरोप लगाए गए, लेकिन अब हजारे खुद निशाने पर हैं। पाटिल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज पीबी सावंत की अध्यक्षता में गठित एक जांच आयोग ने अन्ना हजारे को भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया था। सावंत ने 2005 में कुछ मंत्रियों के खिलाफ अन्ना हजारे के आरोपों की जांच की थी।

पाटिल ने आरोप लगाया है कि हजारे का एनजीओ हिंद स्वराज ट्रस्ट (एचएसटी) जमीन के अवैध लेन-देन में शामिल रहा है। पाटिल ने आरोप लगाया कि हजारे का एक ट्रस्ट अब तक रजिस्टर्ड नहीं है और फिर भी कानून का उल्लंघन कर धन उगाही का काम कर रहा है। पाटिल के अनुसार आयोग ने रिपोर्ट में कहा कि हजारे के साथ काम कर रहे कुछ कार्यकर्ता ब्लैकमेलिंग और फिरौती मांगने के कामों में भी लगे हैं। पाटिल ने आरोप लगाया कि हजारे के एनजीओ एचएसटी ने महाराष्ट्र सरकार से दो करोड़ रुपए का अनुदान लिया था। और अन्ना के जन्मदिन को मनाने के लिए उसमें से दो लाख रुपए खर्च किए गए।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने समाजसेवी अन्ना हजारे के पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि उन्होंने कभी भी कीचड़ उछालने और बदनाम करने की राजनीति पर यकीन नहीं किया और न ही वे ऐसे किसी भी प्रयास का समर्थन करती हैं। हजारे ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखकर कहा था कि कुछ कांग्रेस के नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़े गए आंदोलन की धार कुंद करने के लिए सुनियोजित तरीके से मुहिम चला रहे हैं। सोनिया के इस जवाब पर अन्‍ना हजारे से संतोष जाहिर किया है।

 लोकपाल बिल तैयार करने के लिए राष्‍ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की एक कमेटी ने कहा है कि वो अब इस बिल पर कोई काम नहीं करेगी क्‍योंकि प्रणब मुखर्जी और शांति भूषण की अगुवाई वाली संयुक्‍त समिति इस पर काम कर रही है। सोनिया गाँधी ने कहा कि उन्हें अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर नीयत पर शंका नहीं । उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और घूसखोरी से लड़ने की सख्त आवश्यकता है।  वह मजबूत लोकपाल के पक्ष में हैं, जो संसदीय प्रणाली के नियमों के अंतर्गत कार्य करे। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने भी आज कहा कि वे अन्ना हजारे पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन लोकपाल बिल की ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य शांति भूषण और उनके बेटे को  लगे आरोपों के बारे में सफाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल हजारे द्वारा जंतर मंतर पर किए गए आंदोलन के खर्च का ब्योरा मांगा था।

अन्ना हजारे ने हाल ही में सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि कुछ कांग्रेसी नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़े गए आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी कांग्रेसी नेता का नाम नहीं दिया था, लेकिन उनका इशारा दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की तरफ था।


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