भारतीय संविधान की कथित रूप से आलोचना करने के लिए बॉलीवुड के अनुपम खेर के निवास पर एनसीपी और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) ने हमला बोलकर, पथराव किया। खेर ने जन लोकपाल बिल के लिए अन्ना हजारे के अनशन के दौरान जंतर मंतर पहुंचकर उनका समर्थन करते हुए कहा था कि देश के संविधान को बदलने की जरूरत है, क्योंकि देश आज संविधान के गठन के समय से बहुत आगे बढ़ गया है। खेर ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने कभी भी संविधान का अपमान नहीं किया। उन्होंने केवल इसमें कुछ बदलाव की बात कही है।
सूत्रों ने बताया कि जब अनुपम खेर के जुहू स्थित घर पर पत्थरबाजी की गई तब वह घर में नहीं थे। पुलिस ने बताया कि जैसे ही पत्थरबाजी की सूचना मिली पुलिस टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया और 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है।महाराष्ट्र विधानसभा ने भी उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पारित कर दिया है।शुक्रवार को अनुपम खेर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग के लिए मौजूदा संविधान को नाकाफी करार दिया था।
खेर के इसी बयान पर एनसीपी के जितेंद्र अव्हाड ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की कि उन्होंने भारतीय संविधान और डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान किया है।एनसीपी के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष दिलीप पाटिल से आग्रह किया कि शिकायत को विशेषाधिकार हनन के नोटिस के रूप में स्वीकार कर लिया जाए। इसके बाद अध्यक्ष ने गृह विभाग से खेर की विवादित टिप्पणी के मामले की जांच कराने को कहा है। पाटिल ने गृह विभाग से कहा है कि अगर खेर ने संविधान के खिलाफ टिप्पणी की है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अनुपम खेर के बंगले पर हमले के बाद फेसबुक और ट्विटर पर उनके समर्थक सक्रिय हो गए हैं। ट्विटर पर उनके समर्थन में संदेश दिए जा रहे हैं। कईयों ने लिखा है कि महाराष्ट्र के ये राजनीतिक दल अन्ना हजारे की नाराजगी अनुपम खेर पर उतार रहे हैं। फेसबुक पर सपोर्ट अनुपम पेज भी शुरु हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि जब अनुपम खेर के जुहू स्थित घर पर पत्थरबाजी की गई तब वह घर में नहीं थे। पुलिस ने बताया कि जैसे ही पत्थरबाजी की सूचना मिली पुलिस टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया और 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है।महाराष्ट्र विधानसभा ने भी उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पारित कर दिया है।शुक्रवार को अनुपम खेर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग के लिए मौजूदा संविधान को नाकाफी करार दिया था।
खेर के इसी बयान पर एनसीपी के जितेंद्र अव्हाड ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की कि उन्होंने भारतीय संविधान और डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान किया है।एनसीपी के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष दिलीप पाटिल से आग्रह किया कि शिकायत को विशेषाधिकार हनन के नोटिस के रूप में स्वीकार कर लिया जाए। इसके बाद अध्यक्ष ने गृह विभाग से खेर की विवादित टिप्पणी के मामले की जांच कराने को कहा है। पाटिल ने गृह विभाग से कहा है कि अगर खेर ने संविधान के खिलाफ टिप्पणी की है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अनुपम खेर के बंगले पर हमले के बाद फेसबुक और ट्विटर पर उनके समर्थक सक्रिय हो गए हैं। ट्विटर पर उनके समर्थन में संदेश दिए जा रहे हैं। कईयों ने लिखा है कि महाराष्ट्र के ये राजनीतिक दल अन्ना हजारे की नाराजगी अनुपम खेर पर उतार रहे हैं। फेसबुक पर सपोर्ट अनुपम पेज भी शुरु हुआ है।

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