सरकार की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट के अनुसार वज़हुल मुलुंड ब्लास्ट मामले में आरोपी है और फिलहाल इस मामले में उसे बेल मिल गई है। वजहुल के मुताबिक उसे ठाणे के सभी पुलिस अधिकारी जानते हैं और कोर्ट की हर पेशी में जाता रहा है।
वजहुल ने कहा, वह कई साल से ठाणे में रह रहा है उसका नाम पाकिस्तान को भेजी गई मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में कैसे डाला जा सकता है, उसे पुलिस अधिकारियों से मिलने के लिए कहा गया।’
वजहुल ने कहा "मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मेरा मुलुंड या किसी दूसरे ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं है। जिस केस में मुझे गलत तरीके से फंसाया गया उसकी हर सुनवाई में मैं हाज़िर होता हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं खुद को निर्दोष साबित करने में सफ़ल रहूंगा। जब मैं वापस लौटा तो मैंने ज़री बनाने की एक छोटी यूनिट डाली जो धारावी इलाके में है। 50 मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों की लिस्ट में नाम डाल कर पुलिस मेरी ज़िंदगी मुश्किल में डाल रही है।"
पाकिस्तान को सौंपी अपराधियों की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट किसी ने नहीं बनाई है यह केंद्रीय गृह मंत्री और महाराष्ट्र सरकार के बयान से पता चलता है। मुलुंड धमाके के आरोपी वज़हुल क़मर का नाम पाक को सौंपी गई 50 मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों की सूची में कैसे आया। इस पर अब तक कुछ भी साफ नहीं हुआ है। गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि हमने नहीं बनाई है लिस्ट वहीं, अब महाराष्ट्र सरकार भी कह रही है कि हमने नहीं लिस्ट बनाई है। ये खबर सूत्रों के हवाले से आ रही है। अब इसकी जांच होगी।
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने कहा कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई इसकी जांच होनी चाहिए। गृह मंत्रालय ने इस मामले से जुड़ी फाइलें मंगवाई हैं। उसका कहना है कि उसे ये जानकारी राज्य सरकार से मिली। वज़हुल 2003 में मुंबई के मुलुंड में हुए ट्रेन धमाके का आरोपी है। और वो मुंबई के ठाणे में रह रहा है। वज़हुल के परिवार का कहना है कि वो हैरान हैं इन आरोपों पर कि आखिर कैसे मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में वज़हुल का नाम आ गया है। मुंबई के एसीपी का वीबी मोरे का कहना है, 'वो तो यहीं रहता है। वो फरार नहीं है, हमेशा हाजिरी लगाता है।'
केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम का कहना है, 'वह इस मुद्दे पर कुछ नहीं कह सकते। यह लिस्ट उन्होंने नहीं बनाई है। यह लिस्ट तकरीबन एक महीने पहले ही बनाई गई थी। यह नहीं कह सकते कि यह वही आदमी है या फिर इसी नाम के दो आदमी हैं।

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