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शुक्रवार, 20 मई 2011

एक और मोस्ट वांटेड मुंबई जेल में.


 पाकिस्तान को सौंपी गई मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में दर्ज एक और वांछित अपराधी के मुंबई की एक जेल में बंद होने का खुलासा होने से सरकार की फिर से किरकिरी हुई। इस गलती से हड़बड़ाए केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आनन-फानन में कार्रवाई कर एक निरीक्षक को निलंबित कर दिया तथा एक अधीक्षक एवं एक उपाधीक्षक का सीबीआई की इंटरपोल शाखा से तबादला कर दिया।

इस खुलासे ने राजनीतिक रंग भी तेजी से पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे आतंक के खिलाफ संघर्ष कमजोर पडने का आरोप लगाते हुए गृहमंत्री पी चिदम्बरम के तुरंत इस्तीफे की मांग की है।

 सीबीआई की इसी सूची में एक वांछित वजाहुल खान के महाराष्ट्र के ठाणे जिले से पाए जाने का खुलासा होने पर चौतरफा आलोचना के बीच केन्द्रीय गृह मंत्रालय को सार्वजनिक रूप से अपनी भूल स्वीकारनी पड़ी थी।

नए खुलासे के अनुसार पाकिस्तान को सौंपी गई 50 सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची में शामिल 1993 के मुंबई बम कांड के आरोपी फिरोज अब्दुल खान उर्फ हमजा मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद है। उसे गत वर्ष फरवरी में नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया था और उसे सीबीआई को पूछताछ के लिए रिमांड पर भी सौंपा गया था। सूत्रों ने आज रात यहां बताया कि सीबीआई ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को सूचित किया है कि यह चूक उसकी तरफ से हुई है। मंत्रालय को सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची सौंपे जाने के पहले सीबीआई फिरोज का नाम हटाना भूल गई थी। सीबीआई ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक निरीक्षक को निलंबित कर दिया है तथा एक अधीक्षक एवं एक उपाधीक्षक का तबादला कर दिया है।

सीबीआई ने 1994 में फिरोज के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था जिसे उसकी गिरफ्तारी के बाद वापस ले लिया गया था। भाजपा ने इस खुलासे के बाद केन्द्र सरकार पर पुन. हमला बोला। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इस घटना को सरकार की प्रशासनिक अक्षमता की निशानी करार देते हुए कहा कि इससे देश को बहुत ग्लानिजनक स्थिति का सामना करना पडा है। श्री गडकरी ने कहा कि इससे आतंकवाद के खिलाफ भारत की लडाई कमजोर हुई है तथा सरकार को इसकी पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहली चूक को समझा जा सकता है लेकिन दूसरी भूल तो एकदम अस्वीकार्य है। उन्होंने चिदंबरम के इस्तीफे की भी मांग की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने इस गलती को अक्षम्य अपराध बताते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान को पूरी सूची खारिज करने का बहाना मिल जाएगा।

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