पाकिस्तान के कराची शहर में सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने सऊदी अरब के एक राजनयिक की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके ठीक पांच दिन पहले कराची में ही सऊदी वाणिज्य दूतावास के पास बम विस्फोट की घटना हुई थी। इन घटनाओं को अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
शुक्रवार की सुबह पेशावर के नजदीक चारसद्दा शहर में एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर हुए फिदायीन हमले में 80 से अधिक लोग मारे गए। हमले में मारे गए ज़्यादातर लोग सैनिक थे। पाकिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान ने इस फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली। तालिबान ने ओसामा की मौत का बदला लेने की धमकी दी थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सऊदी राजनयिक की पहचान हसन एमएम अल-कहतनी के तौर पर हुई है। हसन सोमवार सुबह जब अपने दफ्तर जा रहे थे तब मोटरसाइकिल सवार चार अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उनकी गोली मार कर हत्या कर दी। घटना बहरीन के वाणिज्य दूतावास से कुछ ही दूरी पर हुई है। हालांकि अभी तक किसी आतंकी गुट ने सीधे तौर पर इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन पाकिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान ने सऊदी राजनयिक की हत्या का 'पूरा समर्थन' किया है।
तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसान ने अज्ञात स्थान से टेलीफोन कर कहा, ‘जिसने भी यह किया है, बहुत अच्छा काम किया है क्योंकि पाकिस्तान की तरह सउदी अरब भी अमेरिका का पिट्ठू है। बल्कि सऊदी अरब तो पाकिस्तान से दो कदम आगे ही है। जो कोई भी संगठन इस तरह की गतिविधियों में शामिल है, हम उन्हें पूरा समर्थन देते हैं।’ सऊदी दूतावास ने मृतक के राजनयिक होने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हथियारबंद बदमाशों ने हसन की कार को घेर कर उन पर दर्जनों गोलियां चलाईं। हसन को जिन्ना अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
11 मई को दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने कराची स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास के पास दो विस्फोटक रख दिए थे। उन धमाकों में एक व्यक्ति घायल हो गया था। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि उस धमाके में दूतावास परिसर की इमारतों को क्षति पहुंची थी। सऊदी के उप विदेश मंत्री राजकुमार खालिद बिन सऊदी ने पाकिस्तानी अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे पाकिस्तान में सऊदी के राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। सउदी अरब को अमेरिका का बेहद करीबी माना जाता है। दुनिया के जिन देशों में अमेरिकी हथियारों की सबसे अधिक खपत होती है उसमें सउदी अरब प्रमुख है। सउदी अरब के तीन शीर्ष निर्यात साझेदार अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया हैं जबकि तीन शीर्ष आयात साझेदार अमेरिका, जापान और जर्मनी हैं।

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