आदर्श हाउसिंग सोसायटी फ्लैटों की बिक्री की जांच कर रहे आयोग ने राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को बुधवार को सम्मन भेजा. इस आयोग का गठन राज्य सरकार ने किया है. को सम्मन
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस वर्ष की शुरुआत में अपनी पहली प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में 14 लोगों को नामजद किया है.
इनमें केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री विलासराव देशमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को भी आरोपी बनाया गया है. हाउसिंग घोटाले का प्रकरण सामने आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री चव्हाण को अपना पद छोड़ना पड़ा था.
एक अधिकारी के मुताबिक दो सदस्यीय आयोग ने अपने समक्ष गवाही देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे को तलब किया था. इसके 10 दिनों के बाद आयोग ने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों देशमुख और चव्हाण को तलब किया है. चव्हाण राजस्व मंत्री रहते हुए सोसायटी के 40 प्रतिशत फ्लैटों का आवंटन नागरिकों को करने वाले प्रस्ताव की अनुशंसा की थी जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने इमारत से जुड़ी फाइलों को हरी झंडी दी. इन तीनों मुख्यमंत्रियों के अलावा आयोग ने 17 गवाहों को पूछताछ के लिए बुलाया है. इनमें जल संसाधन राज्य मंत्री सुनील ठाकुर और कई नौकरशाह शामिल हैं.

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