तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी को औपचारिक रूप से पश्चिम बंगाल में पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. नेता चुने जाने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस उनके 'छोटे मंत्रिमंडल' का हिस्सा होगी.
तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ज़बरदस्त जीत हासिल की है और 294 सीटों में से 184 सीटों पर अकेले जीत हासिल की, उसकी सहयोगी कांग्रेस को 42 सीटें मिली हैं. जबकि तृणमूल की एक अन्य सहयोगी पार्टी सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (एसयूसीआई) को एक सीट मिली.
रविवार को कोलकाता में हुई पार्टी विधायक दल की बैठक में 56 वर्षीय ममता बनर्जी के नाम का प्रस्ताव सुब्रत बख़्शी ने रखा. बैठक में पार्थ चटर्जी को उप नेता और शोभनदेव चट्टोपाध्याय को चीफ़ व्हीप चुना गया. ज्योतिप्रिया मलिक को कोषाध्यक्ष चुना गया है.
नेता चुने जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा, "मेरा मंत्रालय छोटा होगा और इसमें कांग्रेस और एसयूसीआई शामिल होंगे. एसयूसीआई ने कहा है कि पार्टी इस पर जल्द ही फ़ैसला करेगी." लोगों ने वामपंथी गठबंधन के 34 साल के कुशासन के ख़ात्मे के लिए हमें वोट दिया है. हमें इसका सम्मान करना होगा और किए गए वादों को पूरा करना होगा. ममता बनर्जी ने इस बात पर ख़ुशी जताई कि कांग्रेस ने अपने समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंप दिया है. उन्होंने कहा, "लोगों ने वामपंथी गठबंधन के 34 साल के कुशासन के ख़ात्मे के लिए हमें वोट दिया है. हमें इसका सम्मान करना होगा और किए गए वादों को पूरा करना होगा." इस मौक़े पर उन्होंने सिंगुर, नंदीग्राम, नेताई, मंगलकोट और चमकईटोला के लोगों का ख़ास तौर पर आभार जताया और कहा कि उनके संघर्ष और मारे गए पार्टी कार्यकर्ताओं को याद करके उनकी आँखों में आँसू आ जाते हैं. ममता बनर्जी इस समय केंद्र में रेल मंत्री हैं और सांसद भी. मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद उन्हें छह महीने के अंदर विधानसभा का सदस्य बनना पड़ेगा.

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