
महानतम बल्लेबाजों में शुमार अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न के बीच आखिरी भिड़ंत में शुक्रवार को यहां आईपीएल-4 मुकाबले में महाविस्फोट की उम्मीद जतायी जा रही थी, लेकिन दोनों महान क्रिकेटरों के बीच तो ऐसा कुछ नहीं हुआ और दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को पूरा सम्मान दिया। हालांकि वॉर्न की टीम ने 10 विकेट की शानदार जीत दर्जकर उन्हें सचिन पर 'बीस' साबित कर दिया।
मुंबई टीम के खिलाफ राजस्थान के आखिरी लीग मैच और अपने अंतिम आईपीएल मैच में वॉर्न ने सचिन को सात गेंदें फेंकी और सचिन ने इन पर सात रन बनाये। वॉर्न खुद भी गेंदबाजी में बहुत प्रभाव नहीं छोड़ सके और चार ओवर में 30 रन देने के बाद मैच के आखिरी ओवर में ही एक विकेट ले सके, लेकिन हमवतन शेन वॉटसन के ऑलराउंडर प्रदर्शन की बदौलत उन्हें जीत के साथ आईपीएल को अलविदा कहने का मौका मिल गया।
यह भी कमाल है कि यह वॉर्न का आखिरी आईपीएल मैच था और उनकी टीम ने विकेटों के लिहाज से मौजूदा सत्र की सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए आईपीएल-4 में पहला 'परफेक्ट टेन' अपने नाम कर लिया। वॉटसन और राहुल द्रविड़ की धुआंधार बल्लेबाजी से टीम ने मात्र 41 गेंदें शेष रहते यानी 13.1 ओवर में 134 रन का विजयी लक्ष्य पा लिया। यह गेंदों के हिसाब से सत्र की चौथी बड़ी जीत है। इस सत्र के बाद आईपीएल को अलविदा कहने की घोषणा कर चुके राजस्थान टीम के कप्तान वॉर्न मैच के नौंवे ओवर में गेंद लेकर आये तो उनके सामने क्रीज पर सचिन ही थे। सचिन ने इस ओवर के पहली और पांचवीं गेंदों पर एक-एक रन लिये।
फिर 11वें ओवर में वॉर्न आये तो रोहित शर्मा ने पहली गेंद पर सिंगल लेकर स्ट्राइक सचिन को थमा दी। मुंबई के कप्तान सचिन ने ओवर की दूसरी गेंद खाली जाने दी। तीसरी और चौथी गेंदों पर दो-दो रन लिये, पांचवीं गेंद को पूरा सम्मान देते हुए अपना विकेट बचाया और छठी गेंद पर सिंगल लेकर स्ट्राइक बचाये रखा। हालांकि सचिन ने वॉर्न को जितना सम्मान दिया उनके जोड़ीदार रोहित शर्मा ने उतनी ही बेहरमी से वॉर्न का विश्लेषण बिगाड़ने की कोशिश की। नौंवे ओवर में रोहित को चार गेंदें खेलने को मिली और उन्होंने एक चौका तथा दो गेंदों पर दो-दो रन लेकर वॉर्न को अपने पहले ही ओवर में 11 रन लुटाने पर मजबूर कर दिया।
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