तीन साल में मुकदमे का फैसला जरूरी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 24 जून 2011

तीन साल में मुकदमे का फैसला जरूरी.


देश की अदालतों में 2.5 करोड़ लंबित प्रकरणों को निपटाने की चुनौती का सामना कर रही केंद्र सरकार ने  जल्द न्याय दिलाने के लिए ‘न्याय प्रदान एवं कानून सुधार राष्ट्रीय मिशन’ लागू करने को मंजूरी दे दी।  इस के तहत 2015 तक मामलों के लंबित रहने के औसत समय को मौजूदा 15 साल से घटाकर 3 साल करने का प्रस्ताव है।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कानून मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूर किया गया। इस परियोजना पर अगले पांच साल में 5510 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

 कैबिनेट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पंजीकृत घरेलू नौकरों को शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इससे करीब ४७.50 लाख घरेलू नौकर लाभान्वित होंगे। योजना के तहत संबंधित व्यक्ति को एक स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा, जिससे वर्ष में 30 हजार रुपए तक का इलाज देशभर में पैनल में शामिल किसी भी अस्पताल में कराया जा सकता है। इसके लिए धनराशि असंगठित कामगारों के लिए बनाए गए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष से आवंटित की जाएगी। क्रियान्वयन की निगरानी के लिए इसमें मिशन निदेशालय, सलाहकार परिषद व शासकीय परिषद होगी। राष्ट्रीय मिशन के तहत आने वाले क्षेत्रों में नीति व वैधानिक बदलाव, प्रक्रियाओं का पुनर्निर्माण, मानव संसाधन विकास सहित अधीनस्थ न्यायालयों में बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।

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