पूरे दस महीने बाद सोमालियाई समुद्री डाकुओं द्वारा बंधक बनाकर रखे गए छह भारतीय नाविक अब दिल्ली पहुंच गए हैं। ये नाविक मिस्र की एमवी स्वेज में फंसे हुए थे, जिसे सोमालियाई नाविकों ने पिछले दस माह से कैद कर रखा था।
दिल्ली हवाई अड्डे पर सभी नाविकों के परिजन, दोस्त और रिश्तेदार उनका स्वागत करने के लिए खड़े थे। मौत के मुंह से निकलकर आए इन नाविकों देखते हुए उनके परिजनों पर बच्चों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। हवाई अड्डे का सारा माहौल ही भावुक हो गया। छोटे-छोटे बच्चे भी पिता को पाकर बेहद खुश नजर और ‘वेलकम पापा’ के बैनरों के साथ उनका स्वागत किया। नाविकों के परिजनों ने पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी की तारीफ की और उन्हें धन्यवाद दिया।
अंसार बर्नी के प्रयासों से ही एमवी स्वेज पर सवार 22 लोगों की जान बची। बर्नी ने फिरौती की रकम जमा करवाकर डाकुओं को दी और उसके बाद ही उनकी रिहाई सुनिश्चित हो सकी। समुद्री डाकुओं ने मिस्र के इस जहाज पर तैनात 11 मिस्री, छह भारतीय, 4 पाकिस्तानी और एक श्रीलंकाई नागरिक को फिरौती के रकम 20 लाख डॉलर मिलने के बाद रिहा कर दिया था।

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