काला धन को लेकर अबतक काफी बयानबाजी और आंदोलन देखने में आया मगर अब जो सामने आया है उसने राजनीतिक दुनिया में तहलका मचा दिया है। काफी दिनों से पारवारिक मुद्दे को लेकर चर्चा से दूर रहे गांधी परिवार एक बार फिर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरु किया है। उत्तर प्रदेश की आंवला लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद मेनका गांधी ने आरोप लगाया है कि स्विस बैंक में जमा आधे से ज्यादा धन कांग्रेसी नेताओं का है यही वजह है कि विदेशी बैंक में संचालित बैंक खातों की जांच कराने से कांग्रेस कतरा रही है और इस काले धन को बचाने में कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा रखी है।
मेनका गांधी ने ये भी कहा कि बोफोर्स तोप घोटाले में दलाली का धन भी विदेशी बैंकों में जमा किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुत्रवधू एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की देवरानी मेनका गांधी का यह बयान राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर सकता है। मेनका ने कहा कि बोफोर्स दलाली का पैसा सीधे इटली की बैंक में जमा हुआ क्योंकि बोफोर्स की दलाली करने वाला मुखिया इन्हीं के गांव का था।
सांसद मेनका गांधी ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की भाषा और भाषण को सड़क छाप बताया और कहा कि देश में तो कोई यह भाषा पसंद नहीं करता है जाहिर है कि यह भाषा किसी विदेशी के इशारे पर इस्तेमाल हो रही है। एक सवाल के जवाब में कांग्रेसी युवराज राहुल गांधी की लम्बी उम्र की कामना करते हुए मेनका ने कहा कि वे प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो बनें। इस देश में प्रधानमंत्री बनने के लिए किसी योग्यता की जरूरत नहीं है, मौजूदा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इसका उदाहरण हैं। अब देखना यह है कि काले धन को लेकर राजनीतिक आंदोलन के बाद शुरु हुआ अब यह पारिवारिक बयानबाजी कितना रंग लाती है और विपक्ष से लेकर सत्ता के गलियारे में किस स्तर तक कंपन पैदा करने में कामयाब होती है।

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